
Why Cockroaches Survive Without Head: कॉकरोच एक ऐसा जीव है जो लगभग हर घर में कभी न कभी दिख ही जाते हैं। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक गंदगी फैलाने वाले कीट के रूप में देखते हैं, लेकिन विज्ञान की नजर से देखें तो यह धरती के सबसे पुराने और लचीले जीवों में से एक है। डायनासोर के समय से अस्तित्व में रहने वाला यह जीव आज भी खुद को हर एक सिचुएशन में ढाल लेता है। अगर आप कॉकरोच को एक सामान्य कीड़ा समझती हैं, तो आप गलत है। नन्हा सा दिखने वाले इस कीड़े की शारीरिक रचना और जीवित रहने की क्षमता आपको कर सकती है। आज के इस लेख में हम आपको कॉकरोच के श्वसन तंत्र और उससे जुड़ी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं। नीचे पढ़ें-

ज्यादातर जीवों के पास सांस लेने के लिए नाक या फेफड़े होते हैं, लेकिन कॉकरोच के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है। कॉकरोच अपने शरीर के किनारों पर बने छोटे-छोटे छिद्रों से सांस लेते हैं, जिन्हें स्पिरैकल्स कहते हैं। ये होल्स उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फैले होते हैं और सीधे एक ट्रकिया से जुड़े होते हैं, जो ऑक्सीजन को सीधे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाते हैं। यही कारण है कि कॉकरोच को सांस लेने के लिए अपने मुंह, नाक या सिर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे अपनी स्किन के माध्यम से ऑक्सीजन लेते हैं।
इसे भी पढ़ें- बिना कान के कैसे सुनते हैं सांप?

किसी जानवर का अगर सिर कट जाए, तो वह तुरंत मर जाता है, लेकिन आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि कॉकरोच का सिर कटने के बाद भी 7 दिनों तक जीवित रहता है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि भला ऐसे कैसे?
इसका कारण स्पिरैकल्स हैं जिसके बारे में मैंने आपको पहले सवाल के जवाब में बताया है। यह कीड़ा अपने शरीर के छिद्रों से सांस लेता है, इसलिए सिर कटने से उसकी मौत नहीं होती है। 7 दिनों बाद भी इसकी मौत प्यास लगने के कारण होती है क्योंकि बिना मुंह के वह पानी नहीं पी पाता और अंततः डिहाइड्रेशन के कारण दम तोड़ देता है।
कॉकरोच न केवल अलग तरीके से सांस लेते हैं बल्कि वे अपनी सांस को लंबे समय तक रोक भी सकते हैं। रिसर्च के अनुसार, कॉकरोच लगभग 40 मिनट तक अपनी सांस रोककर रख सकते हैं।
वे अक्सर ऐसा तब करते हैं जब उन्हें शरीर में पानी की कमी को रोकना होता है। इसके अलावा, वे पानी के अंदर भी करीब 30 मिनट तक जीवित रह सकते हैं।

कॉकरोच पर रेडिएशन का असर इंसानों की तुलना में बहुत कम होता है। माना जाता है कि अगर कभी परमाणु हमला हो, तो इंसान और अन्य जीव तो खत्म हो जाएंगे, लेकिन कॉकरोच के बचने की संभावना काफी अधिक होगी। उनकी कोशिकाएं बहुत धीरे विभाजित होती हैं, जिससे रेडिएशन उन्हें उतनी जल्दी नुकसान नहीं पहुंचा पाता जितना कि इंसानों को।
इसे भी पढ़ें- आपको पता है सांप की जीभ के दो हिस्से क्यों होते हैं? जान लीजिए जवाब
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिंदगी के साथ
Image Credit- Freepik
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।