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Rules while Reading sunderkand

सुंदरकांड पढ़ने से पहले इन नियमों का रखें विशेष ध्यान

प्रभु श्रीराम के परम भक्त पवनपुत्र हनुमान व्यक्ति के सभी कष्टों को हर लेते हैं। इस इनकी पूजा करने के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। <div>&nbsp;</div>
Editorial
Updated:- 2024-03-22, 04:00 IST

(Rules while reading sunderkand) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त पवनपुत्र हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना करता है। उसे मनचाही सफलता मिलती है और उस व्यक्ति के सभी कार्य सिद्ध हो सकते हैं साथ ही जीवन में चल रही सभी परेशानियां भी दूर हो सकती है। बता दें, मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इसलिए अगर आप हनुमान जी की पूजा कर रहे हैं, तो मंगलवार का दिन अत्यंत फलदायी साबित हो सकता है। अब ऐसे में कुछ भक्त सुंदरकांड का पाठ करने की सोच रहे हैं, तो मंगलवार के दिन कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं। 

सुंदरकांड पाठ करने के लिए क्या है नियम? (Sunderkand Niyam)

right way of sunderkand path

  • सुंदरकांड काठ करने से पहले प्रभु श्रीराम का आह्वान जरूर करें। 
  • अगर आप सुंदरकांड का पाठ करना चाहते हैं, तो मंगलवार और शनिवार का दिन शुभ माना जाता है। इसलिए कोशिश करें कि सुंदरकांड का पाठ इन्हीं दिनों में करें। ऐसी मान्यता है कि इससे हनुमान जी की विशेष कृपा बनी रहती है और बल, बुद्धि के साथ-साथ विद्या का आशीर्वाद भी प्राप्त हो सकता है। 
  • सुंदरकांड का पाठ करने से पहले स्नान-ध्यान करें। क्योंकि इस पाठ को करने से पहले तन और मन की शुद्धता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। 
  • सुंदरकांड का पाठ करने से पहले हनुमान जी (हनुमान जी मंत्र) की प्रतिमा के सामने विधि-विधान से पूजा करें और उसके बाद पाठ आरंभ करें। 
  • अगर आपके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं। साथ ही तमाम प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलती है, तो मंगलवार और शनिवार (शनिवार मंत्र) के दिन हनुमान जी की उपासना करें और पाठ करें। ऐसी मान्यता है कि सभी कार्य सिद्ध हो सकते हैं और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो सकती है। 

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  • सुंदरकांड पाठ करने  वाले जातकों को मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • सुंदरकांड का पाठ करते समय मन को एकाग्र रखें।
  • सुंदरकांड का पाठ अपनी इच्छा के अनुसार 11, 21, 31 या 41 दिन तक कर सकते हैं।
  • आखिर में जब पाठ हो जाए, तो आरती जरूर कर

hanuman ji

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अगर आप भी सुंदरकांड का पाठ करना चाहते हैं, तो यहां बताए गए नियमों को जरूर अपनाएं और इसके अलावा आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

 

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Image Credit- herzindagi.in

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