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स्कूल ऑफ एमिनेंस: सरकारी शिक्षा में नई क्रांति

'स्कूल ऑफ एमिनेंस' योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद लेकर आई है। वर्तमान में राज्य के 23 जिलों में 118 ऐसे स्कूल चल रहे हैं, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्मार्ट क्लासरूम और मुफ्त बस सेवा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। 
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Editorial
Updated:- 2026-01-15, 16:55 IST

पंजाब की धरती अब केवल अपनी खेती और खुशहाली के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी 'शिक्षा क्रांति' के लिए भी पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। पंजाब में शिक्षा के स्तर को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' एक बड़ी मिसाल बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस दूगामी योजना ने न केवल स्कूलों की इमारतों को आधुनिक बनाया है, बल्कि सरकारी शिक्षा के प्रति लोगों का नजरिया भी बदल दिया है।

23 जिलों में 118 स्कूलों का जाल

वर्तमान में राज्य के सभी 23 जिलों में कुल 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को वह सुविधाएं प्रदान करना है, जो अब तक केवल महंगे प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थीं।

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आधुनिक सुविधाएं और समान अवसर

इन स्कूलों में कदम रखते ही आपको एहसास होता है कि सरकारी स्कूलों की पुरानी तस्वीर अब बदल चुकी है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, हाई-टेक लैब और शानदार लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है। सबसे खास बात यह है कि यहां अमीर-गरीब का भेद खत्म कर दिया गया है। सामाजिक बराबरी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सबसे बड़ी राहत उन बच्चों के लिए है जो दूर-दराज के गांवों से आते हैं। सरकार ने इनके लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की है, जिससे अब किसी भी बच्चे की पढ़ाई में 'दूरी' रुकावट नहीं बनती।

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कामयाबी का परचम

पंजाब की इस मेहनत का नतीजा अब पूरी दुनिया देख रही है। इस बदलाव का असर अब नतीजों में भी दिखने लगा है। इन स्कूलों के छात्रों ने नीट (NEET), जेईई (JEE) और एडवांस जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर पुरानी धारणाओं को तोड़ दिया है। पंजाब ने शिक्षा के मामले में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

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शिक्षकों को मिला अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी निवेश किया है। शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ा सकें।  

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भविष्य की मजबूत नींव

स्कूल ऑफ एमिनेंस' ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और प्रयास सही दिशा में हों, तो सरकारी संस्थानों को भी विश्वस्तरीय बनाया जा सकता है। पंजाब अब शिक्षा के क्षेत्र में देश का मार्गदर्शक बन रहा है। ये स्कूल न केवल बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बना रहे हैं। 

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Image Credit : FREEPIK/herzindagi

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