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नई स्टडी के अनुसार महिलाओं के प्रति कैसी है भारतीय समाज की सोच

भारत एक पुरुष प्रधान देश है, ऐसे में Pew की नई स्टडी भारतीय पुरुषों की सोच के बारे में बताती है।
Editorial
Updated:- 2022-03-05, 11:15 IST

पति-पत्नी का रिश्ता बहुत पवित्र होता है, शादी के बाद दोनों एक दूसरे का साथ निभाने का वादा करते हैं। भगवान ऊपर से जोड़ियां बनाकर भेजता है, ऐसी बातें आपने कभी न कभी जरूर सुनी होंगी। भारत में पति-पत्नी का मतलब केवल शादी ही नहीं होता है, यहां पति को परमेश्वर का दर्जा दिया जाता है। पति की बात मानना पति का धर्म माना जाता है, पत्नी अगर पति की बात न माने तो हमारा समाज उसे बुरी महिलाओं की कैटेगरी में डाल देता है। यही वजह है कि इतने समय बाद भी ज्यादातर एडजेस्टमेंट्स महिलाओं द्वारा ही किए जाते हैं, इसके पीछे समाज की सोच और पुरुष प्रधान नजरिया भी है।

आप में कई लोग ऐसे होंगे, जो इस बात से सहमत होंगे कि पत्तियों को पतियों की हर कहना मानना चाहिए, इससे पत्नी का पतिव्रत बना रहता है। यह सोच सालों पुरानी नहीं है, आज भी हमारे आसपास ऐसे लोग हैं जो आपको इस तरह दलील देते मिल जाएंगे। आइए इस रिसर्च रिपोर्ट के माध्यम से जानते हैं, भारतीय पुरुषों के नजरिए के बारे में-

क्या है रिसर्च की रिपोर्ट?

Pew Study

अमेरिकी थिंक टैंक द्वारा किए गए अध्ययन में यह कहा गया है कि पत्नी को अपने पति की हर बात माननी चाहिए। बता दें कि प्यू रिसर्च सेंटर ने रिपोर्ट बुधवार को रिलीज की थी, जिसमें रिसर्च के दौरान यह पाया गया कि भारतीय समाज में आज भी पुरुषों को ज्यादा वरीयता दी जाती है। यहां पर लैंगिक भूमिकाओं को कहीं अधिक सामान्य रूप से देखा जाता है। यह रिपोर्ट साल 2019 के अंत से लेकर साल 2020 की शुरुआत में किए गए अध्ययन से जुड़ी है।

10 में 8 भारतीयों की राय महिलाओं को मिले बराबरी के अधिकार-

प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा रिलीज की कई इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि ‘ भारतीय वयस्कों में तकरीबन सभी लोगों को यह मानना है कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिए जाने चाहिए। बता दें कि 10 में से 8 भारतीय यही मानते हैं कि महिलाओं के जरूरी हैं, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो यह मानते हैं कि पुरुषों को ही ज्यादा अधिराप दिए जाने चाहिए, यह समाज की बेहतरी के लिए बेहद जरूरी है।

‘पत्नी को माननी चाहिए पति की बात’-

भारतीय लोगों की यह सोच लिंग भेद को और भी ज्यादा बढ़ावा देती है। रिसर्च रिपोर्ट में यह कहा गया है कि करीब 87 प्रतिशत इंडियन यह मानते हैं कि कि पत्नी को हमेशा ही अपने पति का कहना मानना चाहिए। बता दें कि रिसर्च में सवाल यह था कि ‘ हर परिस्थिति में पत्नी को पति का कहना मानना चाहिए’ इस विचार से केवल पुरुषों ने ही नहीं बल्कि भारतीय महिलाओं ने भी सहमति जताई है।

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10 में 9 लोगों की यह है राय-

wife must obey her husband

इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘ करीब 80 प्रतिशत भारतीय इस बात से सहमति रखते हैं कि जब कुछ ही नौकरियां है तो उनमें पुरुषों का चायन पहले किया जाना चाहिए, क्योंकि महिलाओं की तुलना में उन्हें नौकरी का ज्यादा अधिकार है। रिसर्च की इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय लोगों की यह मेंटालिटी है कि अगर पति कमा है तो पत्नी का काम पर जाना इतना जरूरी नहीं है।

राजनेता के तौर पर महिलाओं को स्वीकार करता है समाज-

रिसर्च रिपोर्ट में भारतीय महिला राजनेताओं बारे में यह कहा गया है कि ‘यहां पर महिला राजनेताओं को स्वीकार किया जाता है। यह बात कहते हुए रिपोर्ट में महिला राजनेताओं का नाम लिया गया, जैसे कि मुख्यमंत्री जे.जयललिता, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी। रिसर्च के अनुसार है ज्यादातर भारतीय लोगों का यह मानना है कि पुरुष और महिलाएं दोनों ही अच्छे राजनेता बन सकते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस बात से सहमति नहीं रखते हैं।

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लड़का और लड़की को लेकर समाज में ऐसी है सोच-

Pew Study on Wife Must Obey Husband

भरत में लिंग भेदभाव बहुत पुराना है। हालांकि यह केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिलता है। बच्चों के बारे में यह रिसर्च कहती है कि करीब 90 प्रतिशत भारतीय 1 बेटे और 1 बेटी की इच्छा रखते हैं। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार आज भी बेटे के जन्म को ज्यादा वरीयता दी जाती है। इतना ही नहीं ज्यादातर भारतीय यह भी मानते हैं कि माता-पिता के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी केवल बेटों की ही होनी चाहिए। करीब 74 प्रतिशत मुस्लिम धर्म को मानने वाले लोगों का यह कहना है कि अंतिम संस्कार का अधिकार लड़कों को दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही 63 प्रतिशत हिंदू और 67 प्रतिशत जैन धर्म को मानने वाले लोग भी इस बात से सहमति रखते हैं। हालांकि कई लोग ऐसे भी हैं, जो यह मानते हैं कि अंतिम संस्कार का हक लड़के और लड़की दोनों को मिलना चाहिए।

आज भी देखने को मिलता है लैंगिक भेदभाव-

प्यू की रिसर्च रिपोर्ट में यह कहा गया है कि ज्यादातर भारतीयों का यह कहना है कि ‘पुरुषों और महिलाओं को मिल-बांट कर घर से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए, इसके उलट कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनका यह मानना है कि पुरुषों को घर के कामों में दिलचस्पी नहीं रखनी है, यह सभी काम महिलाओं के ही होते हैं।

तो यह थी प्यू की रिसर्च रिपोर्ट से जुड़ी अहम बातें, जिसे देखकर हम यही कह सकते हैं कि आज भी भारतीय समाज में पुरुषों को ज्यादा वरीयता दी जाती है। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो इसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

Image Credit- freepik

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