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Divorce Rules In India: तलाक के लिए आप पर ये 3 इल्जाम नहीं लगा सकता पत‍ि, पहले जान लें क्या कहता है कानून?

तलाक के मामले इन द‍िनों तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कई बार पति, पत्नी पर ऐसे आरोप लगा देता है, जो बाद में उसी के लिए परेशानी बन सकती है। बहुत से लोग ये नहीं जानते कि कानून कुछ आरोपों को बेहद गंभीर मानता है। बिना सबूत लगाए गए इल्जाम तलाक को आसान बनाने की जगह उल्टा पति के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
Editorial
Updated:- 2026-01-23, 17:30 IST

Divorce Case In India: भारत में इन द‍िनों तलाक के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कभी पत‍ि तलाक का केस फाइल कर देता है तो कभी पत्‍नी। तलाक लेने पर ग्राउंड बनाने के ल‍िए कई बार एक दूसरे पर झूठे इल्‍जाम भी लगा देते हैं, ताक‍ि जल्‍द से जल्‍द फैसला हो सके, लेक‍िन क्‍या आपको पता है क‍ि आपका प‍ति‍ ब‍िना सबूत के कुछ खास तरह के झूठे इल्‍जाम नहीं लगा सकता है? ऐसा करने पर आपके पत‍ि को जेल भी हो सकती है।

अभय द्विवेदी, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने इसके बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी दी है। उन्‍होंने उन इल्‍जामों के बारे में बताया है जो आपके पत‍ि के ल‍िए मुसीबत खड़ी कर सकता है। आइए जानते हैं-

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चरित्र पर झूठा आरोप लगाना

अध‍िवक्‍ता अभय द्व‍िवेदी कहते हैं क‍ि पत्नी के कैरेक्‍टर पर शक करना या उसे गलत रिश्तों से जोड़ना कानून की नजर में बहुत गंभीर माना जाता है। अगर आपका पति बिना क‍िसी ठोस सबूत के आप पर बेवफाई या एक्‍स्‍ट्रा मैर‍िटल अफेयर का आरोप लगाता है तो ये मानहानि माना जा सकता है। उन्‍होंने बताया क‍ि इस बारे में कानून साफ कहता है कि किसी की इज्जत को ठेस पहुंचाने वाले झूठे आरोप सजा का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में पत्नी पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। कोर्ट पति‍ को जेल भेज सकता है।

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बिना मेडिकल सबूत के पत्नी को पागल बताना

तलाक के कई मामलों में पत‍ि अक्‍सर पत्‍नी पर ये इल्‍जाम लगा देता है क‍ि उसकी पत्‍नी मानस‍िक रूप से बीमार या पागल है, लेकिन अगर आपके पत‍ि के पास इसका क‍िसी डॉक्टर की रिपोर्ट या मेडिकल रिकॉर्ड नहीं है, तो अदालत इसे गंभीरता से लेती है। बिना सबूत पत्नी को मानसिक रूप से बीमार बताना मेंटल टॉर्चर माना जाता है। कई बार कोर्ट ऐसे आरोपों को पत्नी के खिलाफ नहीं, बल्कि पति के खिलाफ मान लेती है।

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झूठे आपराधिक आरोप लगाना

तलाक में दबाव बनाने के लिए अक्‍सर पत‍ि अपनी पत्नी पर चोरी, धोखाधड़ी या किसी और अपराध का झूठा आरोप लगा देता है। इसे भी कानून के तहत गलत माना गया है। अगर ये साबित हो जाए कि आरोप सिर्फ तलाक में फायदा उठाने के लिए लगाए गए थे, तो पति खुद कानूनी मुश्किल में फंस सकता है। झूठी शिकायत दर्ज कराना या गलत केस बनवाना अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है।

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बिना सबूत आरोप क्यों बनते हैं परेशानी?

आपको बता दें क‍ि फैमिली कोर्ट फील‍िंग्‍स से नहीं बल्क‍ि सबूतों से फैसला करती है। अगर पति के लगाए गए आरोपों के पीछे कोई दस्तावेज, गवाह या मेडिकल रिपोर्ट नहीं होती, तो अदालत उन्हें झूठा या बदले की भावना से किया गया मान सकती है। कई मामलों में ऐसे आरोपों की वजह से पत्नी को पति के खिलाफ अलग से केस करने का मौका मिल जाता है।

ताे अगर आपके पत‍ि भी आप पर ये इल्‍जाम ब‍िना सबूत के लगाते हैं तो आपके पास उन पर केस करने का अध‍िकार होता है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Freepik/AI Generated

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