
Union Budget 2026 India: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 पेश कर रह रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका यह लगातार नौवां बजट भाषण होगा। विशेष बात की भारत के वित्तीय इतिहास में यह पहली बार है कि बजट रविवार को पेश हो रहा है। बीते दिन यानी गुरुवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार, नियामक सुधारों, मजबूत व्यापक आर्थिक आधार और निजी क्षेत्र के निवेश के लिए नए सिरे से आह्वान के चलते, भारत की अर्थव्यवस्था के फाइनेंस ईयर 2026 में 7.4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 में 6.8-7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। नीचे लेख में जानिए बजट से जुड़ा लाइव अपडेट-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दिव्यांगजनों की जरूरतों को पूरा करने और उनके लिए सम्मानजनक आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपायों का प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या-क्या नई योजनाएं लाने वाली हैं।
बजट प्रस्तुत करते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया यह बजट तीन कर्तव्य से प्रेरित है। आर्थिक विकास को तेज करना एससी एसटी गरीबों को फायदा मिलें, सबका साथ सबकी विकास, विकसित भारत के विजन पर काम करें।
सीतारमण ने कहा कि हम दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की तरफ बढ़ रहे हैं। हमने तय किया है कि ग्रोथ के नतीजे किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और युवाओं को मिलें।
सीतारमण ने कहा कि हमने लोगों की यूनिवर्सल सर्विस पर ध्यान दिया है। इससे 7% की ग्रोथ रेट हासिल करने में मदद मिली है। हम विकसित भारत के विजन की तरफ काम करते रहेंगे। हम ग्लोबल मार्केट के साथ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के विजन के साथ अलाइन रहेंगे।

सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पाद आज से महंगे हो गए हैं, क्योंकि सरकार की नई कर प्रणाली लागू हो गई है, जिसका उद्देश्य इन हानिकारक वस्तुओंपर नियमों को सख्त करना और टैक्स का लेवल ऊंचा रखना है।
अब इन उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा, साथ ही पान मसाला पर एक नया स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर भी लागू होगा।
नए नियमों के अनुसार, अब विशिष्ट डिजाइन वाली सिगरेटों पर उत्पाद शुल्क 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक होगा। कुछ कैटेगरी में यह 11,000 रुपये तक भी जा सकता है।
यह सब सिगरेटों की लंबाई और प्रकार पर निर्भर करेगा। खबरों के मुताबिक, बिना फिल्टर वाली छोटी सिगरेटों (65 मिमी तक) पर लगभग 2.05 रुपये प्रति स्टिक का उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि इसी लंबाई की फिल्टर वाली छोटी सिगरेटों पर लगभग 2.10 रुपये प्रति स्टिक का अधिक कर लगेगा। मध्यम लंबाई की सिगरेटों पर लगभग 4 रुपये प्रति स्टिक और लंबी सिगरेटों पर लगभग 5.40 रुपये प्रति स्टिक का कर लगेगा।
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