
Thanya Nathan Kaun Hain: हमारे यहां भारत में ऐसी कई महिलाएं हैं जो अपनी काबिलियत से देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। हाल ही में एक ऐसी महिला का नाम सामने आया है कि चारों तरफ उन्हीं की चर्चा हो रही है। उनका नाम थान्या नाथन है। वो केरल की रहने वाली हैं और उनकी उम्र मात्र 24 साल है। पूरी तरह से दृष्टिहीन होने के बावजूद उन्होंने 2025 की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया है।
हर कोई उनकी इस सफलता से काफी खुश है। बताया जा रहा है कि वो केरल की पहली पूरी तरह दृष्टिहीन महिला जज बनी हैं, जबकि भारत की दूसरी 100 प्रतिशत ब्लाइंड जज हैं। उनसे पहले राजस्थान के ब्रह्मानंद शर्मा ये उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हम आपको थान्या नाथन के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-
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थान्या नाथन केरल के कन्नूर जिले की रहने वाली हैं। बताया जाता है कि जन्म से ही उन्हें दिखाई नहीं देता था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और करियर में कभी हार नहीं मानी। उनकी शुरुआती पढ़ाई एक खास स्कूल से की, जहां दृष्टिहीन लोगों को पढ़ाया जाता था। इसके बाद में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई नॉर्मल स्कूल से पूरी की।
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उन्हें शुरू से लॉ पढ़ने का शौक था, तो उन्होंने कानून की पढ़ाई करने का फैसला लिया। कन्नूर यूनिवर्सिटी से उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की, जहां उन्हें अंक काफी अच्छे मिले। कॉलेज में वो अकेली दृष्टिहीन छात्रा थीं।
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2024 में वकील बनने के बाद उन्होंने जज बनने की तैयारी शुरू कर दी थी। पढ़ाई के साथ-साथ वो प्रैक्टिस भी करती थीं। दरअसल, उनका मानना था कि मेहनत और लगन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
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परीक्षा को लेकर उनके मन में कई तरह के सवाल भी थे। जैसे- क्या उन्हें एग्जाम देने की परमिशन मिलेगी या नहीं, क्या वहां पर उनके लिए व्यवस्थाएं होंगी कि नहीं? इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का एक अहम फैसला आ गया, जिसमें साफ कहा गया कि दृष्टिहीन होने से किसी को न्यायिक सेवा के लिए अयोग्य नहीं माना जा सकता है। इससे थान्या को राहत मिली।
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आपको बता दें कि थान्या ने तैयारी के लिए स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर, ब्रेल और ऑडियो नोट्स की मदद ली। इसके बाद 2025 की केरल न्यायिक सेवा परीक्षा में दिव्यांग वर्ग की मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया। थान्या अब केरल की पहली पूरी तरह दृष्टिहीन महिला जज हैं।
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Image Credit- Instagram/Freepik/PTI
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