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पेरिमेनोपॉज में पिएं एक्सपर्ट की बताई यह 1 ड्रिंक, शरीर होगा डिटॉक्स और हार्मोन्स भी रहेंगे बैलेंस

पेरिमेनोपॉज में महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं। इस समय पर हार्मोन्स में भी उतार-चढ़ाव होते हैं, जिसका असर महिलाओं की सेहत पर होता है। ऐसे में इस फेज में महिलाओं को डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए।  
Editorial
Updated:- 2026-01-11, 09:02 IST

महिलाओं की जिंदगी में एक ऐसा वक्त आता है, जब शरीर धीरे-धीरे मेनोपॉज की तरफ बढ़ने लगता है। बदलाव के इस समय को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। इस समय पर महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं और इसका असर न केवल पीरियड्स, बल्कि शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। आमतौर पर ये महिलाओं में 40 की उम्र के आस-पास शुरू हो सकता है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोनल इंबैलेंस हो जाते हैं और पीरियड्स धीरे-धीरे अनियमित होने लगता है। पेरिमेनोपॉज के सामान्य लक्षणों में हॉट फ्लैशेज, रात में पसीना आना, मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी, वजन बढ़ना, थकान और एकाग्रता में कमी जैसी दिक्कतें आने लगती हैं। इस फेज में महिलाओं को अपनी डाइट का खास ख्याल रकना चाहिए। यहां हम आपको एक ऐसी ड्रिंक के बारे में बता रहे हैं, जिसे महिलाओं को पेरिमेनोपॉज में पीना चाहिए ताकि हार्मोन्स बैलेंस हो और शरीर डिटॉक्स हो। इस ड्रिंक के बारे में डाइटिशियन मनप्रीत कालरा जानकारी दे रही हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्यूट्रिशन्स में मास्टर्स किया है। वह हार्मोन और गट हेल्थ कोच हैं और रीबूट गट हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली की फाउंडर और डायरेक्‍टर हैं। 

पेरिमेनोपॉज में हार्मोन्स को मैनेज कर सकती है ये देसी ड्रिंक

 

 

 

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  • लेमन बाम नर्वस सिस्टम को आराम देता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। ये अनिद्रा और बेचैनी को कम करके अच्छी नींद लाने में मदद करता है।
  • ये पीरियड के दर्द में भी आराम देता है और डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, कब्ज और अपच में आराम देता है।
  • पुदीने की पत्तियां हॉट फ्लैशेज को कम करती हैं और डाइजेशन को बेहतर बनाती हैं। पुदीने में मौजूद यूजेनॉल डाइजेस्टिव एंजाइम्स के सीक्रेशन को भी बढ़ाता है।
  • सौंफ में फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं और ये हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद करती है। पेरिमेनोपॉज में अपच, गैस, कब्ज और पाचन से जुड़ी अन्य दिक्कतें काफी आम हैं। सौंफ इन दिक्कतों में आराम पहुंचाती है। ये शरीर को अंदर से ठंडक भी देती है।
  • सूखी अदरक का पाउडर पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों में रामबाण की तरफ काम करता है। इससे जोड़ों की अकड़न भी दूर होती है और मेटाबॉलिज्म में भी सुधार होता है।
  • माका रूट का पाउडर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन को बैलेंस करने में मदद करता है।

 यह भी पढ़ें- मेनोपॉज में शरीर की गंध क्यों बदल जाती है?

कैसे तैयार करें हार्मोनल बैलेंसिंग ड्रिंक?

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  • आपको 1 टीस्पून सौंफ के बीज लेने हैं।
  • 1 चुटकी सौंठ पाउडर लेना है।
  • पुदीने की 2-3 पत्तियां लेनी है।
  • लेमन बाम की 1 टीस्पून सूखी हुई पत्तियां लें।
  • माका रूट का 1 टीस्पून पाउडर लें।
  • इसे आपको पानी में उबालना है।
  • इसे छानकर सुबह के समय पिएं।


यह भी पढ़ें- मेनोपॉज की शुरुआत से पहले महिलाओं को परेशान करते हैं ये लक्षण, इन तरीकों से करें मैनेज

 

पेरिमेनोपॉज में एक्सपर्ट की बताई यह ड्रिंक पीने से शरीर डिटॉक्स होगा और हार्मोन्स भी बैलेंस रहेंगे। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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Image Credit:Freepik

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