sakat chauth pr kare chandrama ke is mantra ka jaap for child mental peace

आज Sakat Chauth की रात चंद्रमा को अर्घ्य देते समय बोलें ये 1 मंत्र, संतान को मिलेगी मानसिक शांति

माना जाता है कि चंद्रमा का सीधा संबंध हमारे 'मन' से होता है, इसलिए उन्हें अर्घ्य देने से संतान को मानसिक शांति और एकाग्रता प्राप्त होती है। ऐसे में आइये जानते हैं कि आज सकट चौथ की रात को चंद्रमा को अर्घ्य देते समय आपको क्या बोलना चाहिए जिससे आपके बच्चे का तनाव दूर होगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी।
Editorial
Updated:- 2026-01-06, 16:48 IST

सकट चौथ का व्रत संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि चंद्रमा का सीधा संबंध हमारे 'मन' से होता है, इसलिए उन्हें अर्घ्य देने से संतान को मानसिक शांति और एकाग्रता प्राप्त होती है। आज सकट चौथ के दिन वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि रात को चंद्रमा को अर्घ्य देते समय आपको क्या बोलना चाहिए जिससे आपके बच्चे का तनाव दूर होगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी।

सकट चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय बोलें यह मंत्र 

सकट चौथ की रात जब आप चंद्रमा को जल अर्पित करें तो 'ॐ सों सोमाय नमः' इस मंत्र का जाप कम से कम 3 या 11 बार करें। इसके अलावा, जब चंद्रमा को अर्घ्य देने का कार्य तब संपन्न हो जाए तब अपनी संतान के साथ खड़े होकर चंद्रमा के सामने 'गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते। गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥' मंत्र का उच्चारण करें। 

sakat chauth pr chandrama ke mantra ka jaap

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को 'मन का स्वामी' माना गया है। अक्सर देखा जाता है कि कई बच्चे छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़े हो जाते हैं या बहुत जल्दी तनाव में आ जाते हैं। सकट चौथ की रात जब मां चंद्रमा की शीतल रोशनी में खड़े होकर मंत्रों का जाप करती है,तो उससे एक विशेष प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न होती है। यह ऊर्जा संतान के मानसिक भारीपन को कम करती है और उन्हें भीतर से शांत और खुशमिजाज बनाती है।

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विद्यार्थी जीवन में एकाग्रता सबसे महत्वपूर्ण है। सकट चौथ के दिन चंद्र देव के मंत्रों का प्रभाव बच्चों की बुद्धि को कुशाग्र बनाने में मदद करता है। जो बच्चे पढ़ाई में मन नहीं लगा पाते या जिन्हें चीजें जल्दी याद नहीं होतीं, उनके लिए यह जाप बहुत लाभकारी है। चंद्रमा की किरणें एकाग्रता बढ़ाती हैं जिससे संतान को कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त होती है।

sakat chauth pr chandrama ke mantra jaap ke labh

सकट चौथ को 'संकट चौथ' भी कहा जाता है जिसका अर्थ है संकटों को हरने वाली चतुर्थी। चंद्रमा के सामने मंत्र जाप करने से संतान पर आने वाले शारीरिक कष्ट या स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रमा को औषधियों का स्वामी भी माना गया है। उनकी रोशनी में किया गया प्रार्थना और जाप संतान की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और उन्हें मौसमी बीमारियों व गंभीर संकटों से सुरक्षा प्रदान करता है।

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छोटे बच्चों को अक्सर नजर लग जाती है या वे बाहरी नकारात्मक ऊर्जा से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। सकट चौथ की रात मंत्र जाप करने से संतान के चारों ओर एक सुरक्षा कवच तैयार होता है। यह जाप न केवल संतान के वर्तमान को सुरक्षित करता है बल्कि उनके भविष्य के रास्ते में आने वाली अदृश्य बाधाओं को भी नष्ट कर देता है। इससे संतान के व्यक्तित्व में निखार आता है और वे समाज में मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।

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