
हिंदू धर्म में किसी भी नवरात्रि तिथि का विशेष महत्व होता है, लेकिन मुख्य रूप से दो नवरात्रि तिथियां मनाई जाती हैं। पहली नवरात्रि चैत्र महीने में मनाई जाती है और दूसरी अश्विन में पड़ने वाली शारदीय नवरात्रि होती है। नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा विधि पूर्वक की जाती है जिससे माता दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है। इन दोनों ही नवरात्रि तिथियों में सबसे मुख्य मानी जाती है अष्टमी तिथि। इस दिन माता दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा विधि पूर्वक की जाती है और माता को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय आजमाए जाते हैं। यही नहीं कुछ लोग अष्टमी तिथि के दिन ही कन्या पूजन करते हैं और नवरात्रि के व्रत का पारण करते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 25 मार्च को है 26 मार्च को, इसे लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी है। या लेकर मन में कई सवाल हैं की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आइए यहां ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि कब है? पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और इस तिथि का महत्व क्या है?

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि मां महागौरी को समर्पित होती है, इसलिए यदि आप इस दिन माता गौरा का पूजन सही विधि और शुभ मुहूर्त में करेंगी तो उसके पूर्ण फल मिलेंगे। चूंकि अष्टमी तिथि 26 मार्च प्रातः 11 बजकर 48 मिनट तक ही है, इसलिए आप इससे पहले ही माता गौरी की पूजा करें और माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि अष्टमी तिथि के दिन माता गौरी को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाने से वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याएं समाप्त होती हैं और यदि किसी कन्या के विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो वो भी दूर होती हैं।

नवरात्रि के आठवें दिन कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं। अगर आप भी इस दिन कन्या पूजन करती हैं तो सही मुहूर्त की जानकारी होनी चाहिए।

चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है और इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी का पूजन किया जाता है। इससे जीवन में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह तिथि कन्या पूजन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें नौ कन्याओं को भोज कराया जाता है। इस दिन की साधना से साधक को विशेष सिद्धि और मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा जाता है कि यदि भक्त इस दिन माता महागौरी का पूजन करते हैं और उनकी पूजा विधि पूर्वक करते हैं तो जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
अगर आप भी चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन माता दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा करती हैं, तो जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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