
आज शनिवार, 21 फरवरी 2026 का दिन भगवान गणेश की आराधना और सभी रुके हुए कार्यों को गति देने के लिए समर्पित है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी कहा जाता है। आज के दिन दोपहर के समय श्री गणेश की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज आकाश मंडल में रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और देवता पूषा हैं। रेवती नक्षत्र को धन, यात्रा और पोषण का प्रतीक माना जाता है। आज रेवती नक्षत्र की समाप्ति के साथ ही पिछले पांच दिनों से चल रहे पंचक भी समाप्त हो जाएंगे। शनिवार और विनायक चतुर्थी का यह संयोग कर्म और बुद्धि का अद्भुत मिश्रण है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और शनिवार के अचूक उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| चतुर्थी (दोपहर 01:03 बजे तक) | रेवती | शनिवार | शुभ | बव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 09 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | सुबह 08 बजकर 50 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | शाम 09 बजकर 56 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 00 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से 03 बजकर 36 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 23 मिनट से 06 बजकर 48 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 09 बजकर 32 मिनट से 11 बजकर 00 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 03 बजकर 26 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 06 बजकर 36 मिनट से 08 बजकर 04 मिनट तक |
शनिवार को राहु काल सुबह 9:30बजे से 11:00 बजे के आसपास होता है। इस समय शुभ कार्य और नई यात्रा आरंभ करने से बचें। आज चंद्रमा मीन राशि में रहेंगे, जो पंचक का अंतिम चरण है।
आज फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी है, जिसे विनायक चतुर्थी व्रत के रूप में मनाया जाता है। अमावस्या के बाद आने वाली इस चतुर्थी पर भगवान गणेश के विनायक रूप की पूजा दिन के समय में की जाती है। मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने और पूजा करने से कार्यों में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। साथ ही आज रेवती नक्षत्र है जो कि बुध का नक्षत्र है। इसका प्रतीक मछली या नगाड़ा है, जो जीवन में गति, समृद्धि और शुभ समाचार का सूचक है। यह नक्षत्र यात्रा आरंभ करने, आभूषण खरीदने और व्यापारिक सौदों के लिए अत्यंत शुभ है। इसके देवता पूषा हैं जो पोषण और मार्गदर्शन का आशीर्वाद देते हैं। आज शनिवार भी है जो कर्मफलदाता शनिदेव का दिन है, यह दिन धैर्य के साथ मेहनत करने वालों के लिए वरदान समान है।
ज्योतिष शास्त्र में शनिवार न्याय के देवता शनि का दिन माना जाता है और रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं। शनि और बुध परम मित्र हैं। आज इन दोनों का मिलन स्थायी बुद्धि और व्यापारिक सफलता का योग बनाता है। आज का दिन किसी बड़े व्यापारिक फैसले, कागजी कार्रवाई या तकनीकी काम के लिए उत्तम है। शनि और बुध की मित्रता आपको लंबी अवधि के निवेश में सफलता दिलाती है। रेवती नक्षत्र जीवन में पूर्णता का बोध कराता है। आज आप अपने किसी पुराने अधूरे काम को पूरा करने में सफल रहेंगे और यह सफलता आपके लिए नए द्वार खोलेगी।

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