Sat Feb 21, 2026 | Updated 10:10 AM IST
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Aaj Ka Choghadiya 21 February 2026: आज शनिवार, फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी विनायक चतुर्थी, रेवती नक्षत्र और शुभ योग का कल्याणकारी संयोग का जानें चौघड़िया मुहूर्त

 शनिवार, फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी विनायक चतुर्थी , रेवती नक्षत्र का बन रहा है योग। जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त, ताकि आपके सभी कार्य हो आसानी से पूरे।
Editorial
Updated:- 2026-02-21, 07:30 IST

21 फरवरी 2026 आज शनिवार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान गणेश को समर्पित है। आज रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। रेवती का अर्थ है धनवान या समृद्ध । इसके स्वामी बुध हैं और देवता पोषण करने वाले सूर्य हैं। रेवती सत्ताईस नक्षत्रों में अंतिम है और यह एक गंडमूल नक्षत्र है। शनिवार और बुध का मित्रवत संयोग आज के दिन को बौद्धिक कार्यों, लेखन और व्यापार के लिए उत्तम बनाता है। साथ ही आज शुभ योग बन रहा है, जो ज्ञान, शिक्षा और शुभ कार्यों में निश्चित सफलता दिलाने वाला माना जाता है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी के बताए गए चौघड़िया मुहूर्त।

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आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

विनायक चतुर्थी और शनिवार के इस दुर्लभ संयोग में भगवान गणेश और शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त करने का अवसर है। आज गणेश जी को दूर्वा और मोदक का भोग लगाने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। चूंकि आज रेवती गंडमूल नक्षत्र है, इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आज के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना और जरूरतमंदों को शिक्षा से जुड़ी सामग्री किताबें या पेन दान करना बुध और शनि दोनों ग्रहों को मजबूत करता है, जिससे व्यापार में अपार वृद्धि होती है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
काल 06:40 बजे से 08:06 बजे तक
शुभ 08:06 बजे से 09:32 बजे तक
रोग 09:32 बजे से 10:58 बजे तक
उद्वेग 10:58 बजे से 12:24 बजे तक
चल 12:24 बजे से 01:50 बजे तक
लाभ 01:50 बजे से 03:16 बजे तक
अमृत  03:16 बजे से 04:42 बजे तक
काल 04:42 बजे से 06:09 बजे तक

दिन का चौघड़िया - 21 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज शनिवार है, इसलिए दिन की शुरुआत काल चौघड़िया से हो रही है।
  • शनिवार की सुबह काल चौघड़िया से शुरू होती है। रेवती नक्षत्र की समाप्ति और नए चक्र की शुरुआत का समय है, इसलिए इस समय कोई नया व्यावसायिक कार्य या यात्रा शुरू न करें। सुबह गणेश जी का स्मरण करें।
  • शुभ चौघड़िया में यह समय बहुत पॉजिटिव है। रेवती नक्षत्र और शुभ चौघड़िया का मिलन पूजा-पाठ, खरीदारी, शिक्षा से जुड़े कार्य या व्यापारिक चर्चा के लिए बहुत अच्छा है। विनायक चतुर्थी की पूजा का यह श्रेष्ठ समय है।
  • रोग चौघड़िया में शनिवार को सुबह 09 :30 बजे से 11:00 बजे तक राहुकाल रहता है। यहाँ रोग चौघड़िया भी है। 09:32 से 10:30 बजे तक का समय पूर्णतः वर्जित है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य, इन्वेस्ट या यात्रा न करें।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में बेचैनी या मानसिक उलझन हो सकती है। सरकारी कार्यों या अधिकारियों से जुड़े मामलों में कुछ बाधाएं आ सकती हैं, इसलिए बहस करने से बचें और धैर्य बनाए रखें।

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  • चल चौघड़िया में स्थिति सामान्य होगी। रेवती नक्षत्र का संबंध यात्रा से भी है, इसलिए आज की गई यात्रा या फील्ड वर्क सफल रहेगा।
  • लाभ चौघड़िया में धन लाभ का समय में बुध के नक्षत्र में लाभ चौघड़िया का होना बहुत शुभ है। शेयर मार्केट, इन्वेस्ट या नए व्यापारिक सौदे के लिए यह समय उत्तम है। ब्रह्म योग का फल यहां मिलेगा।
  • अमृत चौघड़िया में शनिवार को अमृत चौघड़िया दुर्लभ होता है। किसी बड़े निर्णय को लेने, रुके हुए कार्य को शुरू करने या शनि देव के उपाय करने के लिए यह समय शुभ है।
  • काल चौघड़िया में शाम ढलने से पहले सतर्क हो जाएं। गंडमूल नक्षत्र के कारण अग्नि और बिजली के उपकरणों से जुड़े काम ध्यानपूर्वक करें। वाहन सावधानी से चलाएं।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम  समय
लाभ 06:09 बजे से 07:43 बजे तक
उद्वेग 07:43 बजे से 09:17 बजे तक
शुभ 09:17 बजे से 10:51 बजे तक
अमृत 10:51 बजे से 12:25 बजे तक
चल 12:25 बजे से 01:59 बजे तक
रोग 01:59 बजे से 03:33 बजे तक
काल 03:33 बजे से 05:07 बजे तक
लाभ

05:07 बजे से 06:40 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • रेवती नक्षत्र और शनिवार की रात गहरे चिंतन और शनि शांति के उपायों के लिए विशेष होती है।
  • सूर्यास्त के ठीक बाद लाभ चौघड़िया का संयोग अद्भुत है। घर या शनि मंदिर में दीपक जलाने और बिजनेश एकाउंटिंग पूरा करने का यह सबसे श्रेष्ठ समय है।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन थोड़ा विचलित हो सकता है। परिवार के साथ रहें और व्यर्थ की बातों पर ध्यान न दें। गंडमूल नक्षत्र में रात के समय नेगेटिव विचारों से बचें।
  • शुभ चौघड़िया में यह समय बहुत सुखद है। रात का भोजन करने और परिवार के साथ फ्यूचर प्लानिंग्स बनाने के लिए उत्तम समय।

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  • अमृत चौघड़िया में ध्यान, मंत्र जाप और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है। ब्रह्म योग इस समय मंत्रों को जाग्रत करता है और बुद्धि का विकास करता है।
  • चल चौघड़िया में यह सामान्य समय है। अगले दिन के कार्यों की सूची बनाएं और विश्राम करें।
  • रोग चौघड़िया में स्वास्थ्य का ध्यान रखें और नींद में उच्चाटन से बचें।
  • काल चौघड़िया में ब्रह्म मुहूर्त से पहले का यह समय तंत्र और गुप्त साधना के लिए है, सामान्य जन के लिए वर्जित है।
  • लाभ चौघड़िया में अगले दिन की शुबह बहुत शुभ होगी। सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना आरोग्य और तेज देगा। नई सुबह का स्वागत पाजिटिविटी से करें।

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