
आज शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण और जीवन में सुख-शांति लाने वाला है। आज पवित्र वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शाम 05:24 बजे तक रहेगी और उसके ठीक बाद वैशाख शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है और अमावस्या होने से आज पितरों की कृपा पाने का भी विशेष दिन है। आज दोपहर 12:03 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जो जीवन में उन्नति और धन-संपत्ति का प्रतीक है। इसके साथ ही आज सुबह 07:21 बजे तक वैधृति योग और उसके बाद विष्कुम्भ योग रहेगा। शुक्रवार, अमावस्या तिथि और रेवती नक्षत्र का यह मेल पितरों का आशीर्वाद पाने, घर से नकारात्मकता दूर करने और धन-धान्य की वृद्धि के लिए बहुत अच्छा अवसर है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय, आज का फल और जीवन की हर बाधा को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।

आज शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण और जीवन में सुख-शांति लाने वाला है। आज पवित्र वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शाम 05:24 बजे तक रहेगी और उसके ठीक बाद वैशाख शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है और अमावस्या होने से आज पितरों की कृपा पाने का भी विशेष दिन है। आज दोपहर 12:03 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जो जीवन में उन्नति और धन-संपत्ति का प्रतीक है। इसके साथ ही आज सुबह 07:21 बजे तक वैधृति योग और उसके बाद विष्कुम्भ योग रहेगा। शुक्रवार, अमावस्या तिथि और रेवती नक्षत्र का यह मेल पितरों का आशीर्वाद पाने, घर से नकारात्मकता दूर करने और धन-धान्य की वृद्धि के लिए बहुत अच्छा अवसर है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय, आज का फल और जीवन की हर बाधा को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।आज का पंचांग – 17 अप्रैल 2026 तिथि नक्षत्र दिन/वार योग करणअमावस्या (शाम 05:24 बजे तक) रेवती शुक्रवार वैधृति नागसूर्य और चंद्रमा की स्थिति 17 अप्रैल 2026 प्रहर समयसूर्योदय सुबह 05 बजकर 48 मिनट पर होगा।सूर्यास्त शाम 06 बजकर 33 मिनट पर होगा।चंद्रोदय आज नहीं चंद्रास्त शाम 06 बजकर 20 मिनट पर होगा। आज का शुभ मुहूर्त और योग 17 अप्रैल 2026 मुहूर्त नाम मुहूर्त समयब्रह्म मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 55 मिनट तकअभिजीत मुहूर्त (शुभ कार्यों का समय) सुबह 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तकविजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 17 मिनट तकगोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 33 मिनट से 06 बजकर 57 मिनट तकआज का अशुभ मुहूर्त 17 अप्रैल 2026मुहूर्त नाम मुहूर्त समय राहु काल सुबह 10 बजकर 34 मिनट से दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक।यमगंड दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से शाम 04 बजकर 58 मिनट तक।गुलिक काल सुबह 07 बजकर 23 मिनट से 08 बजकर 59 मिनट तक।शुक्रवार को राहु काल सुबह के समय होता है। राहु काल के समय में किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत या बड़े पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए। इस दौरान अपना नियमित काम शांति से करते रहें।आज के दिन का विस्तृत महत्त्व आज शुक्रवार का दिन है जो जीवन में सुख, शांति और धन-धान्य लाता है। वैशाख अमावस्या होने के कारण आज का दिन पितरों के नाम पर दान-पुण्य करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। सुबह 07:21 बजे के बाद विष्कुम्भ योग रहेगा, जिसमें सावधानी से अपने काम करने चाहिए। आज दोपहर 12:03 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जो हमें अपने काम को पूरी समझदारी और योजना के साथ पूरा करने की प्रेरणा देता है। अमावस्या और शुक्रवार के संयोग में किया गया दान, घर की साफ-सफाई और माता लक्ष्मी की पूजा से घर की दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाती है और परिवार में खुशहाली आती है।आज के दिन का विशेष संयोग अमावस्या और शुक्रवार का संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि शुक्रवार धन और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी का दिन है, और अमावस्या तिथि घर की सभी नकारात्मक ऊर्जा को साफ करने का सबसे अच्छा समय होती है। जब यह योग बनता है तो इसका प्रभाव जीवन से हर तरह की रुकावटों को हटाने में मदद करता है। ऐसे में यह संयोजन विशेष रूप से घर की साफ-सफाई, दान-पुण्य करने, पितरों का आशीर्वाद लेने और धन की बचत के लिए अनुकूल माना जाता है। माता लक्ष्मी की प्रकृति स्वच्छता और शांति पसंद करने वाली है, इसलिए इस दिन लिया गया निर्णय सोच-समझकर और शांतिपूर्वक होना चाहिए। धार्मिक रूप से माता लक्ष्मी की पूजा, सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करना, चावल या चीनी का दान करना शुभ माना जाता है, परंतु यदि व्यक्ति के जीवन में अनुशासन और साफ-सफाई का अभाव है तो केवल पूजा से स्थायी लाभ नहीं मिलेगा।आज का विशेष उपाय: आज घर से किसी भी जरूरी काम के लिए निकलने से पहले थोड़ा सा मीठा दही जरूर खाएं, इससे आपके काम आसानी से बनेंगे।आज अपनी रसोई से थोड़े से सादे चावल और चीनी निकालकर किसी जरूरतमंद को अपने हाथों से दान करें।आज सुबह नहाने के बाद घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ थोड़ा-थोड़ा साफ जल जरूर डालें।आज नहाने के पानी में बस एक चुटकी सादा नमक मिला लें। इस पानी से स्नान करने से शरीर की सारी नकारात्मकता और थकान दूर होगी।आज शाम को घर के मंदिर में पूजा करते समय एक साफ कटोरी में थोड़ा सा कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में घुमाएं, इससे घर का सारा क्लेश बाहर निकल जाएगा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| अमावस्या (शाम 05:24 बजे तक) | रेवती | शुक्रवार | वैधृति | नाग |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 05 बजकर 48 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 33 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | आज नहीं |
| चंद्रास्त | शाम 06 बजकर 20 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 55 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (शुभ कार्यों का समय) सुबह 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 17 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 33 मिनट से 06 बजकर 57 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 10 बजकर 34 मिनट से दोपहर 12 बजकर 10 मिनट त |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से शाम 04 बजकर 58 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 07 बजकर 23 मिनट से 08 बजकर 59 मिनट तक |
शुक्रवार को राहु काल सुबह के समय होता है। राहु काल के समय में किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत या बड़े पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए। इस दौरान अपना नियमित काम शांति से करते रहें।
आज शुक्रवार का दिन है जो जीवन में सुख, शांति और धन-धान्य लाता है। वैशाख अमावस्या होने के कारण आज का दिन पितरों के नाम पर दान-पुण्य करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। सुबह 07:21 बजे के बाद विष्कुम्भ योग रहेगा, जिसमें सावधानी से अपने काम करने चाहिए। आज दोपहर 12:03 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जो हमें अपने काम को पूरी समझदारी और योजना के साथ पूरा करने की प्रेरणा देता है। अमावस्या और शुक्रवार के संयोग में किया गया दान, घर की साफ-सफाई और माता लक्ष्मी की पूजा से घर की दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाती है और परिवार में खुशहाली आती है।
अमावस्या और शुक्रवार का संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि शुक्रवार धन और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी का दिन है, और अमावस्या तिथि घर की सभी नकारात्मक ऊर्जा को साफ करने का सबसे अच्छा समय होती है। जब यह योग बनता है तो इसका प्रभाव जीवन से हर तरह की रुकावटों को हटाने में मदद करता है। ऐसे में यह संयोजन विशेष रूप से घर की साफ-सफाई, दान-पुण्य करने, पितरों का आशीर्वाद लेने और धन की बचत के लिए अनुकूल माना जाता है। माता लक्ष्मी की प्रकृति स्वच्छता और शांति पसंद करने वाली है, इसलिए इस दिन लिया गया निर्णय सोच-समझकर और शांतिपूर्वक होना चाहिए। धार्मिक रूप से माता लक्ष्मी की पूजा, सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करना, चावल या चीनी का दान करना शुभ माना जाता है, परंतु यदि व्यक्ति के जीवन में अनुशासन और साफ-सफाई का अभाव है तो केवल पूजा से स्थायी लाभ नहीं मिलेगा।

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