
आज शनिवार, 10 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज कालाष्टमी का पवित्र पर्व है, जो भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव को समर्पित है। साथ ही आज शनिवार और हस्त नक्षत्र का संयोग बन रहा है। हस्त नक्षत्र का संबंध कौशल, परिश्रम और सिद्धि से है, जबकि शनिवार न्याय के देवता शनि देव का दिन है। यह संयोग उन लोगों के लिए विशेष फलदायी है जो शत्रुओं से परेशान हैं, कर्ज से मुक्ति चाहते हैं या जिनके कार्यों में बार-बार बाधाएं आ रही हैं। कालाष्टमी पर भैरव पूजन और शनिवार को शनि आराधना करने से जीवन के भय, कष्ट और संकट दूर होते हैं। हस्त नक्षत्र का प्रभाव आपके प्रयासों को सफलता में बदलने में मदद करेगा। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, ग्रह स्थिति और सटीक उपाय।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पौष शुक्ल अष्टमी | हस्त | शनिवार | अतिगण्ड | बव |

| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 55 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 48 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | रात्रि 12 बजकर 48 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 11 बजकर 32 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05 बजकर 18 मिनट 06 बजकर 06 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 02 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 15 मिनट से 02 बजकर 58 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 09 बजकर 35 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 01 बजकर 45 मिनट से 03 बजकर 03 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 07 बजकर 19 मिनट से 08 बजकर 36 मिनट तक |

आज कालाष्टमी है, जो हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है आज सुबह 08:26 के बाद अष्टमी लग रही है। यह दिन काल भैरव की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। काल भैरव को काशी का कोतवाल भी कहा जाता है और इनकी पूजा से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। साथ ही, शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनि देव को समर्पित है। हस्त नक्षत्र में शनिवार का होना यह दर्शाता है कि आज अपने हाथों से किया गया दान और सेवा कार्य जैसे गरीबों को भोजन कराना तुरंत फलित होगा। अतिगण्ड योग होने के कारण आज जोखिम भरे कार्यों और बड़े निवेश से बचना चाहिए, लेकिन आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह समय बहुत शक्तिशाली है।
शनिवार को कालाष्टमी का संयोग शत्रुओं पर विजय और पुरानी बीमारियों से राहत दिलाने वाला माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि भारी है या ढैया/साढ़े साती चल रही है, उनके लिए आज का दिन गोल्डन चांस है। भैरव और शनि दोनों ही पाप कर्मों का दंड देते हैं और सत्कर्मों का रक्षण करते हैं, इसलिए आज सात्विक रहना और क्षमा मांगना विशेष लाभ देता है।
आज शाम को सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और उसमें काले तिल डालें। यह शनि और भैरव दोनों को प्रसन्न करता है। भगवान काल भैरव का वाहन कुत्ता माना जाता है। आज किसी काले कुत्ते को रोटी, बिस्कुट या दूध दें। इससे जीवन के संकट कटते हैं। आज ॐ शं शनैश्चराय नमः और ॐ कालभैरवाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। आज जरूरतमंदों को काले कपड़े, उड़द की दाल, या लोहे की वस्तु का दान करना विशेष शुभ रहेगा।
इसे भी पढ़ें-
हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
image credit: herzindagi
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।