Sun Feb 15, 2026 | Updated 10:22 AM IST
aaj ka choghadiya 25 january 2026

Aaj Ka Choghadiya 25 January 2026: रविवार, रथ सप्तमी और रेवती नक्षत्र के साथ सिद्ध योग का महासंयोग; जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

आज रविवार के दिन रथ सप्तमी, रेवती नक्षत्र और सिद्ध योग का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो सूर्य उपासना और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन किए गए दान, पूजा और शुभ कार्य कई गुना फल देने वाले होते हैं। आइए जानते हैं आज का चौघड़िया मुहूर्त, शुभ-अशुभ समय और इस खास दिन का आध्यात्मिक महत्व।
Editorial
Updated:- 2026-01-25, 07:31 IST

25 जनवरी 2026 आज रविवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। यह तिथि वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है, जिसे रथ सप्तमी, अचला सप्तमी या भानु सप्तमी कहा जाता है। शास्त्रों में इसे सूर्य जयंती माना गया है। आज के दिन भगवान सूर्य ने अपने सात घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड को आलोकित करना शुरू किया था। आज रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह भचक्र का अंतिम नक्षत्र है, जो पूर्णता, मोक्ष और नई शुरुआत की तैयारी का प्रतीक है। इसके स्वामी बुध हैं और देवता पूषा  हैं। साथ ही आज सिद्ध योग बन रहा है। रथ सप्तमी और सिद्ध योग का मिलन आज के दिन को महापर्व बनाता है। आज सूर्य उपासना करने से सात जन्मों के पापों का नाश होता है और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र नदी या घर के जल में लाल चंदन, गंगाजल और लाल फूल डालकर स्नान करना चाहिए। इसे अरुणोदय स्नान कहते हैं, जो रोगों से मुक्ति दिलाता है। आज सूर्य को अर्घ्य देते समय ॐ घृणि सूर्याय नमः का जाप करें। रेवती नक्षत्र यात्रा और विवाह कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज गुप्त नवरात्रि का सातवां दिन  मां धूमावती साधना  भी है, जो शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

दिन का चौघड़िया -25 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज रविवार है, इसलिए दिन का शुभारम्भ उद्वेग चौघड़िया से हो रहा है। रविवार की शुरुआत सूर्य के प्रभाव वाले उद्वेग से होती है। आज सूर्य जयंती  है, इसलिए आध्यात्मिक कार्यों और सूर्य पूजा के लिए यह समय दोषपूर्ण नहीं बल्कि ऊर्जावान है।
  • किसी से वाद-विवाद करने से बचें। इसके बाद चल, लाभ और अमृत चौघड़िया का गोल्डन ट्रायंगल बनेगा। यह आज का पुण्य काल है।
  • चल चौघड़िया रेवती नक्षत्र में चल चौघड़िया यात्रा के लिए श्रेष्ठ है। मंदिर दर्शन और दान-पुण्य के लिए यह समय चुनें।
  • लाभ चौघड़िया  इस समय सिद्ध योग का पूर्ण फल मिलेगा। नया व्यापार शुरू करने, निवेश करने या किसी डील को फाइनल करने के लिए यह समय उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। रथ सप्तमी का विशेष दान, ब्राह्मण भोजन और गुप्त नवरात्रि की साधना के लिए यह समय चुनें। इस समय किया गया कार्य अक्षय होता है। दोपहर में काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया इस समय सतर्क रहें। यह समय राहुकाल के प्रभाव क्षेत्र जैसा ही है। कोई भी नया रिस्क न लें। दोपहर बाद शुभ चौघड़िया स्थिति को सुधारेगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय सामाजिक कार्यों, विवाह चर्चा और बड़ों का आशीर्वाद लेने के लिए अच्छा है। रेवती नक्षत्र की सौम्यता इस समय रिश्तों में मिठास घोलेगी। दिन के अंत में रोग और उद्वेग चौघड़िया रहेंगे।
  • रोग चौघड़िया थकान और आलस्य हावी हो सकता है। उद्वेग चौघड़िया रविवार को शाम राहुकाल होता है। यहाँ उद्वेग चौघड़िया भी है। यह दोहरा अशुभ योग है। इस समय कोई भी शुभ कार्य न करें, केवल मौन रहें या जाप करें।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम    समय
उद्वेग  06:53 बजे से 08:14 बजे तक
चल  08:14 बजे से 09:35 बजे तक
लाभ  09:35 बजे से 10:56 बजे तक
अमृत  10:56 बजे से 12:17 बजे तक
काल  12:17 बजे से 01:38 बजे तक
शुभ  01:38 बजे से 02:59 बजे तक
रोग  02:59 बजे से 04:20 बजे तक
उद्वेग  04:20 बजे से 05:41 बजे तक
   

 

रात का चौघड़िया-(सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • रथ सप्तमी की रात आरोग्य प्राप्ति और सूर्य मंत्रों की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
  • शाम की शुरुआत शुभ चौघड़िया से होगी।
  • शुभ चौघड़िया सूर्यास्त के बाद यह समय बहुत पवित्र है। घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और सूर्य देव को मानसिक प्रणाम कर दिन का समापन करें।
  • इसके बाद अमृत चौघड़िया आएगा।
  • रविवार की रात अमृत चौघड़िया परिवार में सुख-शांति लाता है। भोजन और विश्राम के लिए यह समय उत्तम है। रात्रि के मध्य में चल चौघड़िया रहेगा।
  • चल चौघड़िया में  अगले दिन की कार्ययोजना बनाना शुभ होता है। देर रात रोग और काल चौघड़िया आएंगे।
  • रोग चौघड़िया  इस समय स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
  • काल चौघड़िया ये मध्य रात्रि का यह समय नेगटिव है। रेवती नक्षत्र का अंतिम चरण चल रहा हो सकता है, इसलिए मन को शांत रखें और सो जाएं। ब्रह्म मुहूर्त की ओर बढ़ते हुए लाभ चौघड़िया आएगा।
  • लाभ चौघड़िया जो विद्यार्थी हैं या शोधकर्ता हैं, उनके लिए यह समय बहुत अच्छा रहेगा। अंत में उद्वेग और शुभ चौघड़िया के साथ नई सुबह होगी।
  • शुभ चौघड़िया सोमवार की सुबह का  एक शुभ चौघड़िया से होगा, जो एक पॉजिटिव सप्ताह का संकेत है।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम          समय
शुभ  05:41 बजे से 07:20 बजे तक
अमृत  07:20 बजे से 08:59 बजे तक
चल  08:59 बजे से 10:38 बजे तक
रोग  10:38 बजे से 12:17 बजे तक
काल  12:17 बजे से 01:56 बजे तक
लाभ  01:56 बजे से 03:35 बजे तक
उद्वेग  03:35 बजे से 05:14 बजे तक
शुभ  05:14 बजे से 06:53 बजे तक

आपको यह स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें और ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें अपनी साइट हरजिंदगी के साथ। 

Images: Shutterstock.com, AI

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;