Sun Feb 15, 2026 | Updated 11:53 AM IST
image

Aaj Ka Choghadiya 23 January: वसंत पंचमी के दिन किस समय करें सरस्वती मूर्ति की स्थापना, जानें सही चौघड़िया मुहूर्त

बसंत पंचमी के दिन आप भी सरस्वती मूर्ति को स्थापना करने के बारे में सोच रही हैं, तो ऐसे में चौघड़िया मुहूर्त का खास ध्यान रखें।
Editorial
Updated:- 2026-01-23, 07:30 IST

23 जनवरी 2026 आज शुक्रवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। यह तिथि भारतीय संस्कृति में वसंत पंचमी के रूप में मनाई जाती है। आज का दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में समर्पित है। आज के दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसका अर्थ है कि आज विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी नए कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती, पूरा दिन ही शुभ होता है। इसके साथ ही आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और विवेक के कारक हैं। वसंत पंचमी पर गुरु के नक्षत्र का होना सोने पर सुहागा है, क्योंकि यह बुद्धि और शिक्षा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ संयोग बनाता है। आज परिघ योग भी है, जो कुछ बाधाएं ला सकता है, लेकिन मां सरस्वती की कृपा और शुक्रवार लक्ष्मी का दिन का संयोग आज धन और ज्ञान दोनों देगा। पंडित सौरभ त्रिपाठी जी, छिंदवाड़ा, एमपी चौघडिया मुहूर्त जानें।

2 - 2026-01-22T135545.538

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

वसंत पंचमी ऋतुराज वसंत के आगमन का प्रतीक है। आज के दिन पीले वस्त्र पहनना, पीला भोजन करना और मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करना चाहिए। आज बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार कराने के लिए साल का सबसे उत्तम दिन है। आज गुप्त नवरात्रि का पांचवा दिन भी है,आज किताबों, वाद्य यंत्रों और कलम की पूजा करने से बुद्धि कुशाग्र होती है। आज का मंत्र ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः का 108 बार जाप विद्यार्थियों के लिए चमत्कारिक फल देता है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
चल 06:53 बजे से 08:14 बजे तक
लाभ 08:14 बजे से 09:35 बजे तक
अमृत 09:35 बजे से 10:56 बजे तक
काल 10:56 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ 12:17 बजे से 01:38 बजे तक
रोग 01:38 बजे से 02:59 बजे तक 
उद्वेग 02:59 बजे से 04:20 बजे तक
चल 04:20 बजे से 05:41 बजे तक

दिन का चौघड़िया -23 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

1 - 2026-01-22T135546.990

  • आज शुक्रवार है, इसलिए दिन की शुरुआत चल चौघड़िया से हो रही है।
  • वसंत पंचमी की सुबह चल चौघड़िया गतिशीलता का प्रतीक है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और मंदिर जाने के लिए यह समय अच्छा है। इसके बाद लाभ और अमृत चौघड़िया का समय आएगा। यह वसंत पंचमी की सरस्वती पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।
  • लाभ चौघड़िया व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा करने और बही-खाता लेजर पूजने के लिए यह समय उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सबसे पवित्र समय है। घरों और स्कूलों में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापना, हवन और पूजा इसी समय करनी चाहिए। शुक्रवार को अमृत चौघड़िया लक्ष्मी प्राप्ति के लिए भी अचूक माना जाता है। दोपहर में काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया इस समय सावधान रहना चाहिए । शुक्रवार को राहुकाल का समय इसी के साथ टकराता है। इस दौरान पूजा का संकल्प लेने या कोई नया एग्रीमेंट साइन करने से बचें। दोपहर बाद शुभ चौघड़िया स्थिति को संभालेगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय अबूझ मुहूर्त के अंतर्गत विवाह, सगाई या नए रिश्तों की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ है। पूर्व भाद्रपद नक्षत्र इस समय गंभीरता और परिपक्वता प्रदान करेगा। दिन के अंत में रोग और उद्वेग चौघड़िया रहेंगे।
  • रोग चौघड़िया में शरीर में थकान हो सकती है। इस समय भोजन पर नियंत्रण रखें।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में थोड़ी चिंता रह सकती है। परिघ योग के कारण छोटी-मोटी बाधाएं आ सकती हैं, धैर्य रखें। शाम को चल चौघड़िया से दिन का समापन होगा।
  • चल चौघड़िया शाम की आरती की तैयारी के लिए सामान्य समय।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
रोग  05:41 बजे से 07:20 बजे तक
काल 07:20 बजे से 08:59 बजे तक 
लाभ 08:59 बजे से 10:38 बजे तक
उद्वेग 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
अमृत 01:56 बजे से 03:35 बजे तक
चल 03:35 बजे से 05:14 बजे तक
रोग 05:14 बजे से 06:53 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

2 - 2026-01-22T135537.923

  • वसंत पंचमी की रात को सरस्वती रात्रि भी कहा जाता है, जो संगीत साधकों और लेखकों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • शाम की शुरुआत रोग चौघड़िया से होगी।
  • रोग चौघड़िया में शाम के समय पे स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अत्यधिक घूमना की थकान हो सकती है। इसके बाद काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया इस समय नेगेटिव एनर्जी से बचें। इस समय वाद-विवाद न करें। रात्रि के मध्य में लाभ चौघड़िया आएगा।
  • लाभ चौघड़िया यह समय स्टडी, राइटिंग और म्यूजिक प्रैक्टिस के लिए बहुत शुभ है। पूर्व भाद्रपद नक्षत्र की गहन ऊर्जा इस समय फोकस बढ़ाएगी।
  • देर रात उद्वेग चौघड़िया रहेगा।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन अशांत हो सकता है। इस समय शांत संगीत सुनें। मध्य रात्रि के बाद शुभ और अमृत चौघड़िया का दिव्य संयोग बनेगा। यह समय तंत्र साधना और उच्च विद्या प्राप्ति के लिए है।
  • शुभ चौघड़िया ध्यान और मंत्र जाप के लिए सबसे उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त से पहले का यह समय मां सरस्वती की गुप्त साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ है। जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय गोल्डन टाइम है।
  • सुबह चल चौघड़िया के साथ नए दिन का आगमन होगा।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit-Freepik

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;