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Aaj Ka Choghadiya 16 January: शुक्र प्रदोष व्रत और ध्रुव योग का बन रहा है संयोग, विस्तार से जानें चौघड़िया के शुभ मुहूर्त

 शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग जीवन में सुख-समृद्धि, दांपत्य सुख और कर्ज मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसलिए चौघड़िया मुहूर्त के हिसाब से कार्य करें।
Editorial
Updated:- 2026-01-16, 07:30 IST

16 जनवरी 2026 आज शुक्रवार, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है, और जब यह शुक्रवार को पड़ती है, तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। शुक्रवार का दिन वैभव और सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र का है। इसलिए आज का संयोग जीवन में सुख-समृद्धि, दांपत्य सुख और कर्ज मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मूल नक्षत्र को गंडमूल नक्षत्रों की श्रेणी में रखा जाता है, जिसका स्वभाव तीक्ष्ण और गहरा होता है। साथ ही आज ध्रुव योग बन रहा है, जो स्टेबिलिटी प्रदान करता है। शुक्र प्रदोष और ध्रुव योग का मिलना यह संकेत देता है कि आज की गई शिव पूजा जीवन में स्थायी सुख लेकर आएगी।

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आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

आज शुक्र प्रदोष है, इसलिए शाम के समय सूर्यास्त के आसपास भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना अनिवार्य माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में स्वयं महादेव कैलाश पर नृत्य करते हैं। मूल नक्षत्र होने के कारण आज तांत्रिक और गुप्त साधनाओं का भी महत्व है। आज के दिन शिवलिंग पर दही, शहद और इत्र चढ़ाने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। आज का मूल मंत्र ॐ नमः शिवाय और ॐ शुं शुक्राय नमः है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
चल 06:53 बजे से 08:14 बजे तक
लाभ 08:14 बजे से 09:35 बजे तक
अमृत 09:35 बजे से 10:56 बजे तक
काल 10:56 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ 12:17 बजे से 01:38 बजे तक
रोग 01:38 बजे से 02:59 बजे तक
उद्वेग 02:59 बजे से 04:20 बजे तक
चल 04:20 बजे से 05:41 बजे तक

दिन का चौघड़िया- 16 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

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  • आज शुक्रवार है, इसलिए दिन की शुरुआत चल चौघड़िया से हो रही है। शुक्रवार की सुबह चल चौघड़िया से शुरू होना शुभ है। यह गतिशीलता का सूचक है। सुबह की सैर, यात्रा या रोजमर्रा के कार्यों के लिए यह समय अच्छा है।
  • इसके बाद लाभ और अमृत चौघड़िया का समय आएगा। यह आज के दिन का सबसे सुबह समय है।
  • लाभ चौघड़िया में व्यापारिक डील, निवेश और धन लाभ के लिए यह समय बहुत उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया शुक्रवार को अमृत चौघड़िया अत्यंत कल्याणकारी होता है। पूजा-पाठ, नया वस्त्र धारण करने या कोई भी महत्वपूर्ण काम शुरू करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय है। दोपहर में काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया इस समय सावधान रहें। शुक्रवार को राहुकाल भी सुबह होता है और यहाँ काल चौघड़िया भी है। अतः इस समय कोई भी शुभ कार्य न करें, अन्यथा विघ्न आ सकते हैं। दोपहर बाद शुभ चौघड़िया स्थिति को सुधारेगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय विवाह चर्चा, रचनात्मक कार्यों और सामाजिक मिलन के लिए अच्छा है। दिन के अंत में रोग और उद्वेग चौघड़िया का समय रहेगा।
  • रोग चौघड़िया में शरीर में थकान और आलस्य रहेगा।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन बेचैन हो सकता है। किसी से विवाद न करें।
  • शाम को सूर्यास्त से पहले चल चौघड़िया आएगा, जो प्रदोष पूजा की तैयारियों के लिए ठीक है।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
रोग 05:41 बजे से 07:20 बजे तक
काल 07:20 बजे से 08:59 बजे तक
लाभ  08:59 बजे से 10:38 बजे तक
उद्वेग 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
अमृत 01:56 बजे से 03:35 बजे तक
चल 03:35 बजे से 05:14 बजे तक
रोग  05:14 बजे से 06:53 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

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  • आज शुक्रवार की रात की शुरुआत रोग चौघड़िया से होगी।
  • यह रोग चौघड़िया है, लेकिन प्रदोष व्रत की पूजा इसी समय में की जाती है। पूजा के लिए यह समय मान्य है, लेकिन किसी नए व्यापारिक कार्य या यात्रा के लिए यह समय अशुभ है। इसके बाद काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया इस समय नेगेटिव एनर्जी प्रभावी रह सकती है। घर पर रहें और शांति बनाए रखें। रात्रि के मध्य में लाभ चौघड़िया आएगा।
  • लाभ चौघड़िया रात्रि भोजन और पारिवारिक सुख के लिए यह समय अच्छा है। मूल नक्षत्र की ऊर्जा का उपयोग आप गहन अध्ययन या योजना बनाने में कर सकते हैं। देर रात उद्वेग चौघड़िया रहेगा।
  • उद्वेग चौघड़िया मन में चिंता या अनिद्रा की समस्या हो सकती है। इस समय आराम करें। मध्य रात्रि के बाद शुभ और अमृत चौघड़िया का दिव्य समय आएगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय शांतिपूर्ण विश्राम या ध्यान के लिए उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त से पहले का यह समय तंत्र सिद्धि और गुप्त आराधना के लिए विशेष है।
  • शुक्रवार की रात का अमृत चौघड़िया लक्ष्मी प्राप्ति की साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। सुबह चल और रोग चौघड़िया के साथ दिन का अंत होगा।
  • चल चौघड़िया यात्रा या सुबह की दिनचर्या के लिए सामान्य है।
  • रोग चौघड़िया शनिवार की सुबह होने से पहले आराम करना ही ठीक रहेगा।

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Image Credit-Freepik/ Herzindagi

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