Fri Feb 13, 2026 | Updated 06:32 PM IST
aaj ka choghadiya

Aaj Ka Choghadiya 13 February 2026: शुक्रवार के दिन बन रहा है मूल नक्षत्र और वज्र योग का संयोग, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी है, जो विजय प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस दिन मूल नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बन रहा है। मूल नक्षत्र समस्याओं की जड़ तक पहुंचने में सहायक है, जबकि वज्र योग संकल्प शक्ति को बढ़ाता है। 
Editorial
Updated:- 2026-02-13, 07:15 IST

13 फरवरी 2026 आज शुक्रवार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह एकादशी विजय प्रदान करने वाली है। प्राचीन काल में राजा अपने शत्रुओं पर विजय पाने के लिए इस व्रत को करते थे। आज पूरा दिन मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मूल का अर्थ है जड़ । इसके स्वामी केतु हैं। यह एक गंडमूल नक्षत्र है, जो तीक्ष्ण और उग्र माना जाता है। शुक्रवार और मूल का संयोग आज भावनाओं में गहराई और तीव्रता लाएगा। साथ ही आज वज्र योग बन रहा है, जो कठोरता का प्रतीक है, लेकिन विजया एकादशी के व्रत के प्रभाव से यह कठोरता संकल्प शक्ति में बदल जाएगी।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु को आमला और तुलसी अर्पित करना चाहिए। मूल नक्षत्र आज आपको किसी समस्या की जड़ तक जाने में मदद करेगा। यदि आप किसी कोर्ट केस, विवाद या पुरानी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो आज के दिन किया गया दान और नारायण कवच का पाठ निश्चित विजय दिलाता है। मूल नक्षत्र में जड़ी-बूटी या दवा का सेवन शुरू करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

दिन का चौघड़िया – 13 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) 

  • आज शुक्रवार है, इसलिए दिन की शुरुआत चल चौघड़िया से हो रही है।
  • सुबह की शुरुआत मूल नक्षत्र की ऊर्जा के साथ होगी। चल चौघड़िया यात्रा और व्यायाम के लिए अच्छा है। विजया एकादशी का संकल्प लेने और मंदिर जाने के लिए यह समय उत्तम है।
  • लाभ चौघड़िया यह समय व्यापार और इन्वेस्ट के लिए बहुत शुभ है। शुक्रवार को लाभ चौघड़िया में लक्ष्मी पूजन करने से धन की वृद्धि होती है। मूल नक्षत्र की रिसर्च माइंडसेट इस समय काम आएगी।
  • अमृत चौघड़िया ये सर्वश्रेष्ठ समय है लेकिन सतर्क रहें शुक्रवार को अमृत चौघड़िया अत्यंत शुभ होता है, परंतु शुक्रवार को सुबह 11:00 बजे से 12:00 बजे तक राहुकाल रहता है। 09:35 से 10:30 बजे तक का समय पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए गोल्डन टाइम है। 10:30 बजे के बाद राहुकाल लग जाएगा, इसलिए शुभ कार्य रोक दें।
  • काल चौघड़िया यह समय राहुकाल और काल चौघड़िया दोनों के प्रभाव में है। मूल नक्षत्र की उग्रता इस समय नुकसान पहुंचा सकती है। कोई भी नया काम, रिस्क या वाद-विवाद न करें।
  • शुभ चौघड़िया दोपहर का यह समय शांतिपूर्ण है। विजया एकादशी की कथा सुनने, दान देने और सामाजिक कार्यों के लिए यह समय उत्तम है। वज्र योग का प्रभाव यहाँ कम होगा।
  • रोग चौघड़िया इस समय आलस्य या थकान महसूस हो सकती है। मूल नक्षत्र में पेट से जुड़ी समस्याएं उभर सकती हैं, इसलिए एकादशी के फलाहार में सावधानी बरतें।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय मन में चिंता या भविष्य का डर सता सकता है। केतु (मूल के स्वामी) इस समय वैराग्य का भाव दे सकते हैं। एकांत में रहें और भजन करें।
  • चल चौघड़िया दिन का समापन चल चौघड़िया से होगा। शाम के समय घर के कार्यों को निपटाने और अगले दिन की तैयारी के लिए यह समय ठीक है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
शुभ                                               06:45 बजे से 08:10 बजे तक
रोग  08:10 बजे से 09:35 बजे तक
उद्वेग  09:35 बजे से 11:00 बजे तक
चल  11:00 बजे से 12:25 बजे तक                                                 
लाभ  12:25 बजे से 01:50 बजे तक
अमृत 01:50 बजे से 03:15 बजे तक
काल  03:15 बजे से 04:40 बजे तक
शुभ  04:40 बजे से 06:05 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • विजया एकादशी की रात जागरण और हरि कीर्तन के लिए विशेष होती है।
  • सूर्यास्त के समय रोग चौघड़िया स्वास्थ्य के प्रति सचेत करता है। मूल नक्षत्र के कारण मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं, तुलसी के पास दीपक जलाएं।
  • काल चौघड़िया यह समय शुभ कार्यों के लिए नहीं है। मौन रहें और अनावश्यक बहस से बचें।
  • लाभ चौघड़िया ये समय जागरण का उत्तम समय है विजया एकादशी के जागरण, भजन और विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ के लिए यह समय बहुत लाभकारी है। मूल नक्षत्र की ऊर्जा इस समय भक्ति में बदल जाती है।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय पर मन थोड़ा अशांत हो सकता है।
  • शुभ चौघड़िया में मध्य रात्रि का यह समय बहुत ही पवित्र है। ध्यान, साधना और मानसिक शांति के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।
  • अमृत चौघड़िया ये समय शुक्रवार की रात अमृत चौघड़िया भोग और मोक्ष दोनों देता है। जो लोग सो रहे हैं, उन्हें सुखद नींद आएगी और जो जाग रहे हैं, उन्हें सिद्धि मिलेगी।
  • चल चौघड़िया में ब्रह्म मुहूर्त सुबह उठने और एकादशी व्रत के पारण की तैयारी करने का यह सही समय है।
  • रोग चौघड़िया अगले दिन की सुबह होने से पहले थोड़ा विश्राम करें।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
रोग                                                  06:05 बजे से 07:40 बजे तक                                              
काल 07:40 बजे से 09:15 बजे तक
लाभ 09:15 बजे से 10:50 बजे तक
उद्वेग 10:50 बजे से 12:25 बजे तक
शुभ 12:25 बजे से 02:00 बजे तक
अमृत 02:00 बजे से 03:35 बजे तक
चल 03:35 बजे से 05:10 बजे तक
रोग 05:10 बजे से 06:45 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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