Thu Mar 5, 2026 | Updated 05:09 PM IST
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Holi Bhai Dooj Vrat Katha 2026: भाई की लंबी उम्र और सफलता के लिए होली भाई दूज के दिन पढ़ें ये व्रत कथा

हिंदू धर्म में होली के ठीक अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया को भाई दूज मनाया जाता है। इस पर्व को सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है। यह पर्व सभी भाई-बहनों के लिए बेहद सौभाग्यशाली होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं। ऐसे में जो बहनें इस दिन व्रत रखती हैं उन्हें भाई दूज की व्रत कथा का पाठ भी करना चाहिए। आइए जानें इस कथा के बारे में विस्तार से।
Editorial
Updated:- 2026-03-05, 12:21 IST

हिंदू परंपरा में भाई दूज का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट संबंध का उत्सव माना जाता है। यह दिन खास तौर पर बहनों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु की कामना करती हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत कथा का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। भाई दूज की कथा भाई-बहन के प्रेम, समर्पण और सुरक्षा के भाव को उजागर करती है। इसे श्रद्धा से पढ़ने या सुनने से रिश्तों में मिठास बढ़ती है और आपसी विश्वास और मजबूत होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस कथा का पाठ भाई के जीवन में सुख, शांति और उन्नति लाने में सहायक माना जाता है। इसलिए जो बहनें भाई दूज का व्रत रखती हैं, उन्हें पूजा के साथ व्रत कथा अवश्य पढ़नी या सुननी चाहिए, ताकि पर्व का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ मिल सके। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से व्रत कथा के बारे में जानते हैं।

होली भाईदूज के दिन पढ़ें व्रत कथा (Holi Bhai Dooj Vrat Katha 2026)

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पौराणिक कथा के अनुसार, एक नगर में एक बुढ़िया रहती थी। उसके एक पुत्र और एक पुत्री थी। बुढ़िया ने अपनी पुत्री का विवाह कर दिया था। होली के बाद, बुढ़िया के बेटे ने अपनी माँ से अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाने का आग्रह किया।
बुढ़िया ने अपने बेटे को जाने की अनुमति दे दी। रास्ते में, लड़के को एक नदी मिली। नदी ने उसे रोका और कहा, "मैं तुम्हें तभी जाने दूंगी जब तुम मुझे अपना वचन दोगे।" लड़के ने नदी को वचन दिया कि वह वापस आते समय उसे कुछ देगा।
फिर, लड़के को एक शेर मिला। शेर ने भी उसे रोका और कहा, "मैं तुम्हें तभी जाने दूंगा जब तुम मुझे अपना वचन दोगे।" लड़के ने शेर को भी वचन दिया कि वह वापस आते समय उसे कुछ देगा।

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इसी तरह, लड़के को एक सांप मिला। सांप ने भी उसे रोका और कहा, "मैं तुम्हें तभी जाने दूंगा जब तुम मुझे अपना वचन दोगे।" लड़के ने सांप को भी वचन दिया कि वह वापस आते समय उसे कुछ देगा।
अंत में, लड़का अपनी बहन के घर पहुंचा। उसकी बहन ने उसका स्वागत किया और उसे तिलक लगाया। जब लड़का वापस जाने लगा, तो उसे नदी, शेर और सांप मिले। लड़के ने उन सभी को अपना वचन पूरा किया।
जब लड़का घर पहुंचा, तो उसकी मां ने उससे पूछा, "तुमने रास्ते में क्या देखा?" लड़के ने अपनी मां को सब कुछ बताया। उसकी मां ने कहा, "तुमने बहुत अच्छा किया। तुमने अपने वचन पूरे किए।"

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उसी समय, भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने लड़के को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा, "तुम एक अच्छे भाई हो। तुमने अपनी बहन के प्रति अपना कर्तव्य निभाया है। मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूं कि तुम हमेशा खुश रहो।"
इस कथा से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा अपने वचन का पालन करना चाहिए और अपने परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करना चाहिए।

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Image Credit- HerZindagi

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