
आज गुरुवार, 05 फरवरी 2026 का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। आज का व्रत रखने और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने से जीवन के बड़े से बड़े संकट और विघ्न दूर हो जाते हैं। आज आकाश मंडल में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं और देवता अर्यमन हैं। उत्तरा फाल्गुनी सफलता और संरक्षण का नक्षत्र है। गुरुवार और संकष्टी चतुर्थी का यह संयोग ज्ञान और बुद्धि का अद्भुत मिश्रण है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, चंद्रोदय का समय और उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| चतुर्थी (रात 12: 25 बजे तक | उत्तरा फाल्गुनी | गुरुवार | सुकर्मा | बव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 48 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 00 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 09 बजकर 22 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | सुबह 08 बजकर 52 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 16 मिनट से 06 बजकर 04 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 34 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक |
| यमगं | सुबह 06 बजकर 54 मिनट से 08 बजकर 19 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 09 बजकर 44 मिनट से 11 बजकर 08 मिनट तक |
गुरुवार को राहु काल दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे के बीच होता है। इस समय गणेश जी की पूजा की जा सकती है, लेकिन नए व्यावसायिक अनुबंध न करें।
आज संकष्टी चतुर्थी व्रत व्रत है संकष्टी का अर्थ है संकट हरने वाली। आज के दिन भगवान गणेश के द्विजप्रिय रूप जिनके दो सिर हैं उन की पूजा की जाती है। मान्यता है कि आज का व्रत रखने से स्वास्थ्य समस्याएं दूर होती हैं और घर में क्लेश समाप्त होता है। व्रत का पारण रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है। साथ ही आज उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है जो की सूर्य का नक्षत्र इसका प्रतीक पलंग के पीछे के पाये है, जो विश्राम के बाद काम पर लौटने और जिम्मेदारी उठाने का सूचक है। यह नक्षत्र विवाह, दान और मैत्री के लिए अत्यंत शुभ है। इसके देवता अर्यमन हैं जो समाज में मान-सम्मान दिलाते हैं। आज गुरुवार और चतुर्थी भी है गणेश जी बुद्धि के देवता हैं और गुरुवार ज्ञान का दिन है। यह दिन छात्रों के लिए वरदान समान है।
ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार देवगुरु बृहस्पति का दिन मन जाता है और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य है आज इन का मिलन सूर्य और गुरु के प्रभाव से राजकीय सम्मान और स्थिरता का योग बनाता है। आज का दिन किसी बड़े अधिकारी, नेता या अपने बॉस से मदद मांगने के लिए उत्तम है। सूर्य और गुरु का प्रभाव मिलकर आपको प्रशासनिक सफलता दिलाता है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रिश्तों को निभाने वाला है। आज आप अपने परिवार की जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे से निभाएंगे।आज के नक्षत्र के देवता अर्यमन है जो की दान के देवता हैं। आज किया गया गुप्त दान आपके भाग्य के दरवाजे खोल देता है।

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