
आज रविवार, 22 फरवरी 2026 का दिन सूर्य देव की आराधना और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समर्पित है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज विशेष रूप से शुक्ल योग बन रहा है। शुक्ल योग में किए गए सभी कार्य शुभ फलदायी होते हैं और जीवन में पाजिटिविटी व उज्ज्वलता लाते हैं। आज आकाश मंडल में अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और देवता अश्विनी कुमार हैं। अश्विनी नक्षत्र गति, ऊर्जा और चिकित्सा का प्रतीक है। रविवार और अश्विनी नक्षत्र का यह संयोग स्वास्थ्य लाभ और तेज गति से सफलता पाने का अद्भुत मिश्रण है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और उपाय।

आज फाल्गुन शुक्ल पंचमी तिथि है। आज के दिन शुक्ल योग का निर्माण हो रहा है, जो मन को शांति और विचारों को स्पष्टता देता है। इसके साथ ही आज अश्विनी नक्षत्र है जो कि केतु का नक्षत्र है। इसका प्रतीक घोड़े का सिर है, जो तेज गति, शक्ति और नई शुरुआत का सूचक है।
यह नक्षत्र किसी भी नए काम को तुरंत शुरू करने, दवा या चिकित्सा आरंभ करने और यात्रा के लिए अत्यंत शुभ है। इसके देवता अश्विनी कुमार हैं जो रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य का आशीर्वाद देते हैं। आज रविवार भी है जो नवग्रहों के राजा सूर्य देव का दिन है, यह दिन मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए वरदान समान है।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पंचमी (सुबह 11:12 बजे तक) | अश्विनी | रविवार | शुक्ल | बालव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 09 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 09 बजकर 28 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | रात 11 बजकर 00 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 00 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से 03 बजकर 36 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 23 मिनट से 06 बजकर 49 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | शाम 04 बजकर 55 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 27 मिनट से 04 बजकर 55 मिनट तक |
रविवार को राहुकाल शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे के बीच होता है। इस समय कोई भी नया शुभ कार्य शुरू न करें और न ही महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलें। अश्विनी नक्षत्र गंडमूल संज्ञक है, अतः आज जन्मे बच्चों की मूल शांति अवश्य करनी चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र में रविवार सूर्य देव का दिन माना जाता है और अश्विनी नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार सूर्य देव के पुत्र हैं। आज पिता-पुत्र सूर्य और अश्विनी कुमार की एनर्जी का यह मिलन आरोग्य और सफलता का महायोग बनाता है। आज का दिन किसी पुरानी बीमारी के इलाज के लिए या अपनी फिटनेस रूटीन शुरू करने के लिए उत्तम है। सूर्य और केतु का प्रभाव आपको निडर और साहसी बनाता है। अश्विनी नक्षत्र जीवन में आलस्य को दूर भगाकर चुस्ती-फुर्ती लाता है। आज आप अपने रुके हुए सरकारी या प्रशासनिक कार्यों को बहुत आसानी से पूरा कर लेंगे।

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