
आज बुधवार, 21 जनवरी 2026 का दिन ज्ञान, बुद्धि और धन के समन्वय का दिन है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज के दिन मंडल में धनिष्ठा नक्षत्र और व्यतिपात योग का संयोग बन रहा है। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष ध्यान देने योग्य है क्योंकि आज से पंचक का आरंभ हो रहा है। जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करते हैं तो पंचक शुरू होता है। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और यह धन-संपदा का प्रतीक है, लेकिन पंचक के कारण कुछ विशेष कार्यों जैसे छत डालना, लकड़ी इकट्ठा करना, दक्षिण दिशा की यात्रा निषेध होती है। साथ ही आज व्यतिपात योग भी है। ज्योतिष में व्यतिपात योग को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, लेकिन मंत्र सिद्धि और गुरु पूजन के लिए यह अत्यंत श्रेष्ठ है। आज बुधवार है, जो विघ्नहर्ता गणेश जी का दिन है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, पंचक के नियम और उपाय।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| माघ शुक्ल तृतीया (रात्रि 02:49 बजे तक) | धनिष्ठा | बुधवार | व्यतिपात | तैतिल |

| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 49 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 08 बजकर 33 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | शाम 08 बजकर 12 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | नहीं है |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 05 बजकर 54 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 08 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 01 बजकर 48 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 08 बजकर 19 मिनट से 09 बजकर 41 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 11 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक |

आज धनिष्ठा नक्षत्र इसका अर्थ है सबसे अधिक धनवान। यह नक्षत्र संगीत, कला और संपत्ति का कारक है। आज के दिन म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स खरीदना, आभूषण खरीदना या कोई नई विद्या सीखना शुभ है। आज के दिन से पंचक शुरू होने के कारण घर की छत बनवाने या चारपाई बनवाने जैसे काम न करें।
आज व्यतिपात योग है जिसमें कोई भी मंगल कार्य विवाह, सगाई नहीं किया जाता क्योंकि इसमें भारी अस्थिरता होती है। लेकिन यह योग प्राणायाम और ध्यान के लिए साल के सबसे अच्छे दिनों में से एक है। साथ ही साथ आज बुधवार का दिन है जोकि गणेश जी का दिन है। तृतीया तिथि को गौरी तृतीया' भी कहते हैं, इसलिए आज माता पार्वती और गणेश जी की संयुक्त पूजा करने से पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में बुधवार और धनिष्ठा नक्षत्र एक अत्यंत प्रभावशाली संयोग माना जाता है। बुधवार के स्वामी बुध हैं जो बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक हैं। वहीं, धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं जो साहस, ऊर्जा और भूमि के कारक हैं। जब बुद्धि और ऊर्जा का मिलन होता है तो यह दिन विशेष रूप से व्यापारियों, विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। बुधवार व्यापार का दिन है और धनिष्ठा संपत्ति का नक्षत्र है। जब ये मिलते हैं तो यह आर्थिक उन्नति का संकेत देते हैं। इस दिन व्यापारिक सौदे, इन्वेस्ट या नई व्यावसायिक योजनाएं बनाना बहुत शुभ माना जाता है।
बुद्धि और एकाग्रता बढ़ाने के लिए आज बुधवार है और आज के दिन श्री गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठें और मोदक अर्पित करें। ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें। बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए आज किसी जरूरतमंद को या गाय को साबुत हरी मूंग खिलाएं। यह व्यापार में आ रही रुकावटों को दूर करता है। आज से पंचक प्रारम्भ हो रहा है इस लिए हनुमान जी के सामने तेल का दीपक जलाएं ताकि आने वाले 5 दिनों में कोई दुर्घटना या कष्ट न हो। आज के दिन सवा किलो पालक की भाजी अपने ऊपर से सात बार एंटीक्लॉक वाइज उतर के गाय को खिलावें।
इसे भी पढ़ें-
हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
image credit: herzindagi
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।