aaj ka panchang 1 january 2026

Aaj Ka Panchang 1 January 2026: साल के पहले दिन प्रदोष व्रत के साथ बन रहे हैं कई शुभ योग, देखें आज का पंचांग

शास्त्रों में माना गया है कि वर्ष के पहले दिन यदि शिव जी की प्रिय तिथि प्रदोष हो तो आने वाला समय व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन और धैर्य प्रदान करता है। यही कारण है कि पंचांग की दृष्टि से 01 जनवरी 2026 को केवल नव वर्ष कहना अधूरा होगा। 
Editorial
Updated:- 2026-01-01, 07:01 IST

01 जनवरी 2026, गुरुवार का दिन केवल कैलेंडर बदलने का ही दिन नहीं है बल्कि यह दिन वर्षभर की मानसिक, कर्मिक और ग्रह ऊर्जा की दिशा तय करता है। पंचांग के अनुसार आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है जो रात 10 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। त्रयोदशी तिथि का संबंध भगवान शिव की पूजा  से माना जाता है और गुरुवार के दिन इसका संयोग प्रदोष व्रत को विशेष महत्व प्रदान करता है।

शास्त्रों में माना गया है कि वर्ष के पहले दिन यदि शिव जी की प्रिय तिथि प्रदोष हो तो आने वाला समय व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन और धैर्य प्रदान करता है। यही कारण है कि पंचांग की दृष्टि से 01 जनवरी 2026 को केवल नव वर्ष कहना अधूरा होगा। यह दिन आत्मनिरीक्षण, संकल्प और जीवन की दिशा तय करने का संकेत देता है।

आज चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित है और रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव देर रात तक बना हुआ है। वृषभ राशि को स्थिरता, धन और सुरक्षा का करक मन जाता है जबकि रोहिणी नक्षत्र को विकास और निर्माण का प्रतीक माना जाता है। इस योग के संयोग से यह वर्ष भावनाओं में बहने का नहीं बल्कि धीरे, ठोस और प्लानिंग करके आगे बढ़ने का है। ऐसे में आइये जानते हैं मध्य प्रदेश, छिंदवाड़ा के प्रसिद्द ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग।

आज का पंचांग 1 जनवरी 2026

तिथि नक्षत्र दिन/वार योग करण
पौष शुक्ल त्रयोदशी रोहिणी गुरुवार शुभ  कौलव

1 january 2026 shubh muhurat

आज सूर्य और चंद्रमा का समय 1 जनवरी 2026

प्रहर समय
सूर्योदय  सुबह 06 बजकर 51 मिनट पर होगा।
सूर्यास्त

शाम 05 बजकर 35 मिनट पर होगा।

चंद्रोदय 

दोपहर 03 बजकर 18 मिनट पर होगा।

चंद्रास्त सुबह 05 बजकर 38 मिनट पर होगा।

आज का शुभ मुहूर्त और योग 1 जनवरी 2026

मुहूर्त नाम मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त 

सुबह 05 बजकर 32 मिनट  06 बजकर 20 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक

गोधुली मुहूर्त शाम 05 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 16 मिनट तक
 विजय मुहूर्त  दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 1 जनवरी 2026

मुहूर्त नाम मुहूर्त समय 
 राहु काल दोपहर01 बजकर 35 मिनट से 02 बजकर 54 मिनट तक
 यमगंड सुबह  06 बजकर 51 मिनट से 08 बजकर 12 मिनट तक
गुलिक काल सुबह 09 बजकर 32 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक

1 january 2026 ashubh muhurat

आज व्रत और त्योहार 1 जनवरी 2026

प्रदोष व्रत को केवल उपवास ही  समझना ठीक नहीं  है। यह व्रत के प्रभाव से  व्यक्ति को अपने भीतर की अव्यवस्था, क्रोध और असंतुलन को पहचानने का अवसर देता है। गुरुवार के दिन प्रदोष का महत्व कई गुणा बढ़ जाता है  गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत का होना इस बात का संकेत देता है कि आने वाले वर्ष में ज्ञान और विवेक की वृद्धि होगी।  शिव तत्व जीवन में स्थिरता लाता है। जो लोग लगातार  किसी चीज़ को लेकर बार बार प्रयास कर रहे है और उन्हें  परिणाम न मिलने के कारण वे परेशान रहते हैं, उनके लिए यह व्रत बहुत फलदाई है इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति का   मानसिक दबाव कम होता है। आज का दिन यह बताता है  कि हर समस्या का समाधान तुरंत नहीं मिलता, लेकिन सही दिशा में किया गया प्रयास व्यर्थ  भी नहीं जाता।

नव वर्ष 2026 के आरंभ में बनने वाला चतुर्ग्रही योग ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली संयोग है। पंचनद अनुसार जब एक ही राशि में चार ग्रह एक साथ एक्टिव होते हैं, तो वह केवल घटनाएं नहीं बदलते अपितु व्यक्ति  की सोच, निर्णय प्रक्रिया और कार्य करने की की दिशा को भी प्रभावित करते हैं। यह योग जीवन में अचानक क्रांति लाने वाला नहीं बल्कि धीरे-धीरे मानसिक असंतुलन और आत्ममंथन पैदा करने वाला होता है।  इस योग के प्रभाव  से व्यक्ति का मन  एक साथ कई दिशाओं में भागता है, योजनाएँ बहुत बनती हैं लेकिन स्पष्टता कम रहती है। करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में यह योग असंतोष को बढ़ाता है।  लोग अपनी नौकरी, काम की दिशा या आय के स्रोत से संतुष्ट नहीं रहते, बदलाव का विचार बार-बार मन में आता है, आर्थिक दृष्टि से चतुर्ग्रही योग खर्चों पर नियंत्रण सिखाता है। आय के नए अवसर दिख सकते हैं परंतु फिजूलखर्ची, दिखावे और जल्द मुनाफे की लालसा आर्थिक अस्थिरता पैदा कर सकती है। रिश्तों में यह योग सच्चाई सामने लाने का कार्य करता है मानसिक स्तर पर यह योग बेचैनी, चिड़चिड़ापन और आत्मसंघर्ष को बढ़ाता है।


गुरु प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ने वाला वह पावन अवसर है, जो केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहता बल्कि व्यक्ति के जीवन की दिशा को सुधारने का माध्यम है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है, जिससे विवाह में देरी, संतान से जुड़ी चिंता, आर्थिक अस्थिरता और मानसिक उलझनें धीरे-धीरे समाप्त होती हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से गुरु प्रदोष व्रत का सीधा संबंध गुरु ग्रह से है। जिसकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर है ऐसे व्यक्ति को आज का यह परैत करना चाहिए या व्रत व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और सही निर्णय लेने की  क्षमता देता है, साथ ही साथ यह व्रत गुरु की सकारात्मक ऊर्जा को एक्टिव करता है।

आज का उपाय 1 जनवरी 2026

आज के दिन प्रदोष काल में स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें और शिवलिंग पर जल, दूध व हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। केले के वृक्ष या ब्राह्मण को पीले फल या चने की दाल का दान करें। इस दिन झूठ, अहंकार और गुरुजनों के अपमान से बचें। 

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image credit: herzindagi 

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