Sun Feb 15, 2026 | Updated 01:07 PM IST
image

Aaj Ka Choghadiya 30 January 2026: प्रदोष व्रत के दिन करवाना है रूद्राभिषेक, तो जानें सही चौघड़िया मुहूर्त

प्रदोष व्रत में अगर आप भी रूद्राभिषेक करवाने के बारे में सोच रही हैं, तो इसके लिए आप सही चौघड़िया मुहूर्त का ध्यान रखें।
Editorial
Updated:- 2026-01-30, 07:30 IST

30 जनवरी 2026 आज शुक्रवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसे भीष्म द्वादशी या तिल द्वादशी के नाम से जाना जाता है। आज के दिन पांडवों ने भीष्म पितामह के निमित्त तर्पण किया था, इसलिए संतान प्राप्ति और आरोग्य के लिए आज का व्रत श्रेष्ठ माना जाता है। आज का मुख्य नक्षत्र आर्द्रा है। आर्द्रा का अर्थ है नमी या आंसू । इस नक्षत्र के स्वामी राहु हैं और देवता रुद्र भगवान शिव का रौद्र रूप हैं। आर्द्रा नक्षत्र विध्वंसक होते हुए भी नवनिर्माण का प्रतीक है, जैसे बारिश के बाद प्रकृति हरी-भरी हो जाती है। साथ ही आज वैधृति योग बन रहा है। यह योग थोड़ा संघर्षकारी माना जाता है। शुक्रवार और आर्द्रा का मिलन आज के दिन को भावनात्मक रूप से उथल-पुथल वाला लेकिन क्रिएटिव बना रहा है।

2 - 2026-01-29T150502.044

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व- भीष्म द्वादशी पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए। आर्द्रा नक्षत्र के देवता रुद्र हैं, इसलिए आज रुद्राभिषेक करना जीवन के सारे क्लेश मिटा देता है। आर्द्रा नक्षत्र पुरानी आदतों को छोड़ने और नई शुरुआत करने के लिए बहुत शक्तिशाली है। आज के दिन यदि आप किसी एडिक्शन को छोड़ने का संकल्प लेते हैं, तो सफलता निश्चित मिलती है।

दिन का चौघड़िया -30 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

2 - 2026-01-29T150554.358

  • आज शुक्रवार है, इसलिए दिन की शुरुआत चल चौघड़िया से हो रही है।
  • सुबह के समय आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो चुका होगा। चल चौघड़िया गतिशीलता दिखाता है। आर्द्रा के प्रभाव में यह समय तेजी से काम निपटाने के लिए अच्छा है, लेकिन मन में हड़बड़ाहट हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें।
  • लाभ चौघड़िया यह समय आर्थिक लाभ और नए संपर्कों के लिए शुभ है। राहु और शुक्र का योग इस समय अचानक धन लाभ या शेयर मार्किट में रुचि जगा सकता है।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। भीष्म द्वादशी की पूजा, दान और ईश्वर आराधना के लिए यह समय चुनें। आर्द्रा नक्षत्र की तीक्ष्णता इस समय अमृत के प्रभाव से शांत रहेगी।
  • काल चौघड़िया शुक्रवार को सुबह राहुकाल रहता है। यहाँ काल चौघड़िया भी है। यह दोहरा नकारात्मक योग है। इस समय आर्द्रा राहु का नक्षत्र का प्रभाव भी उग्र रूप ले सकता है। इस डेढ़ घंटे में कोई भी शुभ कार्य, पूजा का संकल्प या धन इंवेस्टन करें।
  • शुभ चौघड़िया यह एक स्थिति सामान्य होगी। सामाजिक मेल-मिलाप और स्त्री पक्ष से लाभ के लिए यह समय उत्तम है।
  • रोग चौघड़ियामें दोपहर बाद आलस्य छा सकता है। आर्द्रा नक्षत्र नमी से जुड़ा है, इसलिए कफ या सर्दी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
  • उद्वेग चौघड़िया इस सामय मन में बेचैनी या भविष्य को लेकर चिंता हो सकती है। वैधृति योग के कारण इस समय किसी से भी वाद-विवाद न करें, बात बिगड़ सकती है।
  • चल चौघड़िया शाम का समय घर लौटने और दिन को समेटने के लिए ठीक है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम  समय
चल 06:53 बजे से 08:14 बजे तक
लाभ  08:14 बजे से 09:35 बजे तक
अमृत  09:35 बजे से 10:56 बजे तक 
काल  10:56 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ  12:17 बजे से 01:38 बजे तक
रोग  01:38 बजे से 02:59 बजे तक
उद्वेग 02:59 बजे से 04:20 बजे तक
चल 04:20 बजे से 05:41 बजे तक

रात का चौघड़िया-(सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

3 - 2026-01-29T150453.455

  • आर्द्रा नक्षत्र की रात तंत्र साधना और भगवान शिव की आराधना के लिए बहुत खास मानी जाती है।
  • रोग चौघड़िया सूर्यास्त के समय रोग चौघड़िया स्वास्थ्य के लिए सचेत करता है। बाहर का खाना खाने से बचें।
  • काल चौघड़िया यह समय नागतिवे एनर्जी का हो सकता है। आर्द्रा नक्षत्र में इस समय बिजली के उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें, खराब हो सकते हैं।
  • लाभ चौघड़िया यह समय बहुत अच्छा है। आर्द्रा नक्षत्र तीक्ष्ण बुद्धि देता है। या है समय रिसर्च , कोडिंग या किसी जटिल समस्या को सुलझाने के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय मन अशांत हो सकता है। शिव मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
  • शुभ चौघड़िया यह मध्य रात्रि का समय शांतिपूर्ण है। ध्यान और योग निद्रा के लिए उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया तान्त्रिक और गुप्त साधना आर्द्रा नक्षत्र में अमृत सामान होती है इस लिए अमृत चौघड़िया का यह समय तंत्र साधकों के लिए वरदान है। भैरव उपासना के लिए यह समय अच्छा समय है ।
  • चल चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त में यात्रा की तैयारी या सामान्य दिनचर्या और बच्चो की पढाई के लिए ठीक है।
  • रोग चौघड़िया सुबह होने से पहले थोड़ा विश्राम और पूजा की तयारी के लिए सामान्य समय है ।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
रोग 05:41 बजे से 07:20 बजे तक
काल 07:20 बजे से 08:59 बजे तक
लाभ 08:59 बजे से 10:38 बजे तक
उद्वेग 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
अमृत 01:56 बजे से 03:35 बजे तक
चल 03:35 बजे से 05:14 बजे तक
रोग  05:14 बजे से 06:53 बजे तक

 

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit-Freepik

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;