Wed Feb 25, 2026 | Updated 03:59 AM IST
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हाथों के हुनर से बदल रही छत्तीसगढ़ की महिलाओं की तकदीर, जानें कैसे कीड़ों से निकलने वाला कोसा सिल्क ग्रामीणों को बना रहा है आत्मनिर्भर?

कोसा सिल्क एक तरह से टसर रेशम की एक खास किस्म है। इसे स्थानीय लोग ‘कोसा’ कहकर बुलाते थे, तभी से इसे कोसा का नाम दिया गया। ग्रामीण लोग इस काम में पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, इसमें मशीनों का इस्तेमाल नहीं होता। यह पूरी तरह से हाथों से तैयार किया जाता है। 
Editorial
Updated:- 2026-02-24, 23:30 IST

कोसा सिल्क को केवल एक कपड़े की नजर से देखने वाले लोगों को इसपर लगने वाली मेहनत पर एक बार नजर डालनी चाहिए। जब आप कोसा सिल्क की हल्की और प्राकृतिक सुनहरी दिखने वाली साड़ी को देखते होंगे, तो आपके दिमाग में आता होगा कि जरूर इसे मशीन से तैयार किया जा रहा होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। कई घंटों की मेहनत के बाद कोसा सिल्क से साड़ी तैयार होती है। कोसा सिल्क की कहानी छत्तीसगढ़ के गांव और छोटे कस्बों से शुरू होती है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में कोसा सिल्क केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि धीरे-धीरे जीवन का आधार बनता जा रहा है। कोसा सिल्क से बनाई जाने वाली साड़ियां महिलाएं सबसे ज्यादा पसंद करती हैं। हमने कोसा सिल्क के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए कारीगरों और महिलाओं से बात की, तो समझ आया कि यह सिर्फ रेशम नहीं है, बल्कि उनकी घंटों की मेहनत है। आज के इस आर्टिकल में हम कोसा सिल्क के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। कोसा सिल्क कैसे बनता है और इसे कैसे सालों तक स्टोर करके रखा जा सकता है, इसके बारे में आप यहां पढ़ पाएंगी।

कोसा सिल्क कैसे बनता है? (How Kosa Silk is Made)

कोसा सिल्क केवल एक कपड़ा नहीं है, ऐसा इसलिए क्योंकि यह जंगली रेशम के कीड़ों की मदद से बनता है। टसर कीड़े कोकून बनाते हैं। जब कीड़े अच्चे से विकसित यानी उम्र के हो जाते हैं, तो वे अपने चारों तरफ धागा लपेटकर कोकून बना लेते हैं। इसी कोकून को कई प्रोसेस से गुजारा जाता है, जिसके बाद यह कोसा सिल्क में कन्वर्ट होता है। बिना इसके कोसा सिल्क की साड़ी या कपड़ा तैयार नहीं हो सकता। इसे बनाने का पूरा प्रोसेस हाथों से होता है। इसमें कोई मशीन का यूज नहीं होता, इसलिए इसमें मेहनत ज्यादा लगती है। यही कारण है कि कोसा सिल्क के कपड़े महंगे होते हैं।

Cocoon to Silk Process

कोसा सिल्क बनाने वाली कारीगर महिलाओं ने क्या बताया?

  • उन्होंने बताया कि पहले उन्हें जगह-जगह जाकर कीड़े से बनने वाले कोकून को जमा करना पड़ता है। इससे रेशा बनाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि वह कई घंटों की तैयारी के बाद इसे रेशा निकालने लायक तैयार कर पाते हैं।
  • सबसे पहले कोकून से धागा निकालना ही सबसे मुश्किल होता है। इसमें किसी मशीन का यूज नहीं होता। इसे घंटों तक बैठकर करना पड़ता है।
  • कोकून से रेशम का धागा निकालने की प्रक्रिया को रीलिंग (Reeling) कहा जाता है। इसे उबालने की जरूरत इसलिए पड़ती है, क्योंकि कोकून के ऊपर एक प्राकृतिक गोंद होता है। गर्म पानी में डालने पर यह नरम हो जाता है और धागा आसानी से निकल जाता है।

Kosa silk saree care guide

कोकून से धागा निकलने के लिए क्या करते हैं?

महिला कारीगरों ने बताया कि वह हाथ से चलने वाले इस चरखे और लकड़ी की रील की मदद से धागा निकालती हैं। कोकून को उबालने के बाद इसमें से धागे का एक सिरा ढूंढना आसान हो जाता है। इसकी मदद से वह धागा को एक सिरे से पकड़ती हैं और फिर इसे लकड़ी की रील पर लपेटती हैं। इस धागे को बड़े ध्यान से लपेटना पड़ता है, ताकि यह आपस में उलझे नहीं। इसे काफी सावधानी और धैर्य से करना पड़ता है, वरना सारी मेहनत खराब हो जाती है।

How Kosa Silk is Made

Chhattisgarh में आज भी पारंपरिक तरीके से बनती हैं कोसा साड़ियां

कारिगरों ने बताया कि रेशा निकालने के बाद कोसा सिल्क से कपड़ा बनाने की प्रकिया शुरू होती है। पहले यह धागा थोड़ा खुरदरा सा लगता है, इसलिए इसे और साफ किया जाता है ताकि सॉफ्ट हो जाए। इसके बाद धागे को चरखे पर काता जाता है, ताकि यह एक बराबर में आ सके। अगर इसे चरखे पर काता नहीं जाएगा, तो धागा कहीं पतला तो कहीं मोटा होगा।

Cocoon to Silk Process

कोसा का असली रंग क्या होता है?

बाजार में आपको कोसा के कपड़े तरह-तरह के रंगों के मिलेंगे, हालांकि यह कोकून से केवल एक ही रंग का निकलता है। इसके बाद कारीगर इसे पसंद के अनुसार रंग देते हैं, जिसकी वजह से यह बाजार में आपको अलग-अलग रंगों का मिलता है। इसका असली रंग हल्का सुनहरा-भूरा होता है, इसे आप गोल्डन भी कह सकती हैं। यह चमकदार नहीं होता, हल्का फीका लगता है।

Handloom Kosa silk weaving

कोकून से धागा तैयार होने के बाद कपड़ा कैसे बनाते हैं?

  • इस प्रकिया को ताना-बाना कहा जाता है। इसमें लंबाई वाले धागे बनाने होते हैं।
  • पहले निकाले गए धागे को लंबाई में फैलाया जाता है, इसके बाद इसे करघे पर लपेटते हैं।
  • लकड़ी का हाथ करघा, जिसे आप तस्वीर में देख सकती हैं, इसकी मदद से कपड़ा बनाने की प्रकिया होती है।

Kosa Silk Fabric

  • बुनकर बैठकर पैरों से पैडल चलाता है।
  • धीगे जोड़कर कपड़ा तैयार होता है और डिजाइन भी इसी प्रकिया के दौरान ही बनाया जाता है।
  • डिजाइन बनाने के लिए भी मशीन का यूज नहीं होता, इसके लिए भी करघे का ही यूज होता है।

How Kosa silk is manufactured

कोसा सिल्क पर डिजाइन कैसे बनाए जाते हैं?

कारीगरों ने बताया की लोगों को लगता है कि कोसा सिल्क पर बने डिजाइन मशीन पर छापे जाते हैं, हालांकि ऐसा नहीं है। इसे भी हम हाथों से ही बनाते हैं। इस काम को हाथ करघे यानी हैंडलूम पर बनाते हैं। इसके लिए पहले धागे से साड़ी का कपड़ा तैयार किया जाता है, यानी धाके से बेस स्ट्रक्चर बनाते हैं। कपड़ा तैयार होने के बाद इसपर डिजाइन बनाते हैं। डिजाइन किए जाने वाला धागा, कोसा नहीं होता। इसे नॉर्मल धागे से ही बनाया जाता है।

Kosa silk saree care guide

कोसा सिल्क से साड़ी बनाने में कितना समय लगता है?

कोसा सिल्क की अगर सिंपल साड़ी बनाई जा रही है, जिसमें कोई डिजाइन नहीं है, तो इसमें लगभग 24 घंटे यानी 1 दिन का समय लग जाता है। महिला कारीगरों ने कहा कि अगर वह केवल खाने का ब्रेक लेती हैं और लगाता काम करती हैं, तो सिंपल साड़ी तैयार करने में उन्हें लगभग डेढ़ दिन लग जाते हैं। अगर साड़ी डिजाइन वाली है, तो इसमें समय और भी ज्यादा लगता है। साड़ी बनाने का यह समय धागा बनने के बाद का है। धागा निकालने का समय और प्रोसेस अलग है। धागा तैयार होने के बाद साड़ी बनाने में लगभग इतना समय लग जाता है।

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Traditional Silk Weaving

कोसा सिल्क की सीड़ियां यूज करने का सही तरीका

  • कोसा सिल्क के कपड़े को अगर सही तरीके से यूज किया जाए, तो इसे कई सालों तक संभाला जा सकता है। अगर आप इसकी साड़ी पहन रही हैं, तो इसमें बहुत टाइट पिन न लगाएं, क्योंकि इससे कपड़े में छेद हो सकता है।
  • इसे हाथ से या मशीन से धोने की कोशिश न करें, ड्राई क्लीन करना ही अच्छा होता है।
  • अगर आप साड़ी प्रेस कर रही हैं, तो सीधा कपड़े पर रखकर प्रेस न करें। पहले साड़ी पर कोई अलग कपड़ा बिछाएं फिर प्रेस करें। ज्यादा गर्म से धागा खराब हो सकता है, इसलिए प्रेस मीडियम रखें।
  • साड़ी को साफ सूती कपड़े में लपेटने के बाद किसी की प्लास्टिक में डालें।

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Kosa Silk is Made

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image credit- herzindagi, kosala official

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