Thu Apr 2, 2026 | Updated 06:50 AM IST HZ Awards 2026
image

Hanuman Jayanti 2025: जानें हनुमान जी को प्राप्त शक्तियों अष्ट सिद्धि और नवनिधि का रहस्य

हनुमान जी की शक्तियों में से अष्ट सिद्धि और नव निधि को विशेष माना जाता है। आइए आपको बताते हैं इन दोनों शक्तियों के रहस्य के बारे में और इसके महत्व से जुड़ी कुछ बातों के बारे में।
Editorial
Updated:- 2025-04-08, 19:43 IST

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भी जीवन में कोई संकट आता है और आपकी राहें कठिन हो जाती हैं तब एक नाम हर एक कष्ट से बाहर निकलने का रास्ता दिखाता है। वो नाम है भगवान हनुमान का। वास्तव में उन्हें स्वयं ही कई नामों से जाना जाता है जैसे संकट मोचक, बल और भक्ति के प्रतीक, बजरंगबली और अंजनी पुत्र। भगवान श्री हनुमान का जन्मोत्सव हनुमान जयंती के रूप में पूरे देश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है। हनुमान जी न केवल श्रीराम के अनन्य भक्त हैं, बल्कि वे ब्रह्मांड की अद्भुत शक्तियों के स्वामी भी हैं। ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी को माता सीता से अष्ट सिद्धि और नव निधि का आशीर्वाद मिला था, जो आज भी उनके भक्तों के लिए आस्था और शक्ति का स्त्रोत है।

अष्ट सिद्धियां हनुमान जी को योगबल से प्राप्त विशेष शक्तियां थीं, जबकि नव निधियां समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक मानी जाती हैं। आइए हनुमान जयंती के पावन अवसर पर ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें कि हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नव निधि की ये दिव्य शक्तियां कैसे प्राप्त हुईं और उनका जीवन में क्या महत्व है।  

हनुमान चालीसा में वर्णित हैं यह शक्तियां

hanumna jayanti asht siddhi

हनुमान चालीसा में हनुमान जी की दिव्य शक्तियों का उल्लेख अत्यंत भावपूर्ण तरीके से मिलता है। हनुमान चालीसा की एक प्रसिद्ध चौपाई 'अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता'  इस बात का प्रमाण है कि हनुमान जी को विशेष सिद्धियों और निधियों का वरदान प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब हनुमान जी ने लंका में माता सीता को खोज लिया और उनका संदेश श्रीराम पहुंचाने का वचन दिया, उस समय प्रसन्न होकर माता सीता ने हनुमान जी अष्ट सिद्धियों और नव निधियों का आशीर्वाद प्रदान किया था।

ये सिद्धियां उन्हें आध्यात्मिक बल, ज्ञान, आकार परिवर्तन, गति, इच्छा पूर्ति जैसी कई विशेष शक्तियां प्रदान करती हैं। वहीं नव निधियां जीवन की समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक मानी जाती हैं। इस चौपाई से स्पष्ट होता है कि हनुमान जी केवल शक्ति और भक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि समस्त ऐश्वर्य के भी दाता हैं।

इसे जरूर पढ़ें: श्री हनुमान चालीसा: सभी चैपाइयों का अर्थ और महत्व जानकार आप भी हो जाएंगे धन्य, नित्य पाठ से पूरे होंगे सारे काज

क्या हैं हनुमान जी की अष्ट सिद्धियां

powers of lord hanuman

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अष्ट सिद्धियां वो आठ दिव्य शक्तियां हैं, जिन्हें प्राप्त करके साधक किसी भी कठिन से कठिन कार्य को आसानी से सफल बना सकता है। ऐसे ही हनुमान जी को ये अष्ट सिद्धियां माता सीता के आशीर्वाद से प्राप्त हुई थीं। इस बात का वर्णन हनुमान चालीसा में में भी मिलता है। आइए जानें उन अष्ट सिद्धियों के बारे में विस्तार से-

  • अणिमा– अपने शरीर को अणु यानी अति सूक्ष्म बनाने की शक्ति। ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी को ऐसी शक्ति प्राप्त थी जिससे वो अपने शरीर को इतना छोटा बना सकते थे कि वो आसानी से किसी को भी नजर न आए। इसका मतलब यह है कि हनुमान जी अपने शरीर को अणु के समान छोटा बना सकते हैं।
  • महिमा-शरीर को अत्यंत विशाल आकार में परिवर्तित करने की क्षमता। इस शक्ति से हनुमान जी अपने शरीर को अत्यंत विराट बनाने में सक्षम थे।
  • गरिमा- अपने शरीर को भारी से भारी बनाने की शक्ति, जिससे कोई हिला न सके। यह शक्ति हनुमान जी की उस क्षमता का प्रतीक है जिससे यह पता लगता है कि वो अपने शरीर को इतना भारी बना सकते हैं जो कि किसी के नियंत्रण में न आ सके।
  • लघिमा-लघिमा सिद्धि हनुमान जी को प्राप्त उन आठ दिव्य सिद्धियों में से एक है, जो उन्हें अद्भुत योगबल और चमत्कारी क्षमताओं से सम्पन्न बनाती है। इस सिद्धि के प्रभाव से कोई भी साधक अपने शरीर को इतना हल्का बना सकता है कि वह वायु में उड़ सके, गुरुत्वाकर्षण के नियमों से मुक्त होकर आकाश मार्ग से गतिशील हो सके।
  • प्राप्ति- जिसके माध्यम से वे किसी भी इच्छित वस्तु को सहजता से प्राप्त कर सकते थे और किसी भी स्थान पर तुरंत पहुंचने की क्षमता रखते थे। यह सिद्धि साधक को स्थान, समय और भौतिक सीमाओं से परे ले जाती है।
  • प्राकाम्य- प्राकाम्य सिद्धि हनुमान जी को प्राप्त अष्ट सिद्धियों में से एक महत्वपूर्ण शक्ति है। इस सिद्धि के माध्यम से साधक को जल, वायु, अग्नि आदि पंचमहाभूतों यानी प्राकृतिक तत्वों पर नियंत्रण प्राप्त हो जाता है।
  • ईशित्व- दूसरों पर प्रभुत्व या नियंत्रण स्थापित करने की शक्ति। इस शक्ति का तात्पर्य यह था कि हनुमान जी को वो क्षमता प्राप्त थी जिससे वो जल्द ही दूसरों पर अपना प्रभुत्व बना सकते थे।
  • वशित्व- मन, इंद्रियों और प्रकृति को वश में करने की क्षमता। इस शक्ति से कोई भी व्यक्ति अपनी समस्त इन्द्रियों को अपने वश में कर सकता है। यही शक्ति हनुमान जी को प्राप्त थी।

इसे जरूर पढ़ें: Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जी की सबसे शक्तिशाली चौपाई कौन सी है? जानें कारण

क्या हैं संकटमोचन की नौ निधियां

lord hanuman powers

श्री हनुमान जी को केवल बल, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक के रूप में ही नहीं पूजा जाता है, बल्कि वे नौ निधियों के भी स्वामी भी माने जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह नौ निधियां दिव्य और रहस्यमयी संपत्तियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्हें हनुमान जी को माता सीता के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। ‘निधि’ का अर्थ होता है ऐसी संपदा जो न केवल भौतिक समृद्धि का प्रतीक हो, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन का स्रोत भी बने।

इन नौ निधियों के नाम हैं- पद्म, महापद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, नंद, नील और खर्जूरवा। प्रत्येक निधि अलग-अलग प्रकार की ऊर्जा, शक्ति और ऐश्वर्य का प्रतीक है।
हनुमान जी की इन निधियों का उद्देश्य केवल धन-संपदा नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, आध्यात्मिक उन्नति और आत्मविश्वास को बढ़ाना भी है। संकट मोचन हनुमान जी जब किसी भक्त को कृपा प्रदान करते हैं, तो वह जीवन के सभी क्षेत्रों जैसे भौतिक, मानसिक और आत्मिक- में समृद्धि की ओर अग्रसर होता है।

हनुमान जी की नौ निधियां यह दर्शाती हैं कि सच्ची भक्ति, सेवा और निष्ठा के साथ यदि उन्हें स्मरण किया जाए, तो जीवन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती है।
आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Images: freepik.com, shutterstock.com

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;