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Kamada Ekadashi Vrat Katha 2024: कामदा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, हर कामना होगी पूरी

Kamada Ekadashi Vrat Katha 2024: शास्त्रों में ऐसा वर्णन मिलता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु की आराधना कर व्रत का पालन करता है और अपनी इच्छा हेतु प्रार्थना करता है उसी कामना अवश्य पूरी होती है।  
Editorial
Updated:- 2024-04-19, 10:20 IST

Kamada Ekadashi Ki Vrat Katha: चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी को सभी कामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। शास्त्रों में ऐसा वर्णन मिलता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु की आराधना कर व्रत का पालन करता है और अपनी इच्छा हेतु प्रार्थना करता है उसी कामना अवश्य पूरी होती है। शास्त्रों में जितना आवश्यक कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा को बताया गया है, उतना ही जरूरी है इस एकादशी की व्रत कथा को सुनना या पढ़ना तभी पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कामदा एकादशी की व्रत कथा के बारे में। 

कामदा एकादशी की व्रत कथा (Kamada Ekadashi Vrat Katha 2024)

पौराणिक कथा के अनुसार, भोगिपुरी नामक एक राज्य हुआ करता था। इस राज्य में सभी अप्सरा, किन्नर, गंधर्व आदि निवास किया करते थे। इस राज्य के एक राजा भी थे जिनका नाम पुण्डरीक था। 

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ललित और ललिता नामक गंधर्व जोड़ा राजा एवं सभी गंधर्वों, किन्नरों और अप्सराओं का मनोरंजन किया करता था। एक बार ललित गंधर्व को राजा के दरबार में संगीत मनोरंजन के लिए बुलाया गया। 

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उस दिन किसी कारण से ललित अकेला ही राजा के दरबार पहुंचा जबकि उसकी पत्नी ललिता घर पर ही थी। राजा के दरबार में गायन के बीच ही ललित हो उसकी पत्नी की याद आने लगी। 

ललिता की याद आने के कारण ललित के सुर बिगड़ गए और राजा के मनोरंजन में खलल पैदा हो गया, जिसके बाद राजा ने क्रोध में आकर ललित को असुर योनी में भटकने का श्राप दे डाला।

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ललिता को जब इस बात का पता चला तो वह विन्ध्य पर्वत पर ऋषि ष्यमूक के पास इस श्राप के समाधान हेतु पहुंची। तब ऋषि ने उसे चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत रखने को कहा।

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ललिता ने जब पूर्ण श्रद्धा से व्रत का पालन किया तब भगवान विष्णु ने उसकी आराधना से प्रसन्न होकर उसकी कामना को पूरा किया और उसके पति को श्राप से मुक्ति मिल गई।

 

आप भी इस लेख में दी गई जानकारी के माध्यम से कामदा एकादशी की व्रत कथा के बारे में जान सकते हैं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

image credit: herzindagi 

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