
आज सोमवार, 09 फरवरी 2026 का दिन नारी शक्ति और पातिव्रत्य धर्म का प्रतीक है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे जानकी जयंती या सीता अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, आज ही के दिन माता सीता धरती की गोद से प्रकट हुई थीं कुछ पंचांगों में इसे फाल्गुन कृष्ण अष्टमी तो कुछ में वैशाख शुक्ल नवमी माना जाता है, लेकिन फाल्गुन कृष्ण अष्टमी को भी सीता अष्टमी के रूप में मनाने की परंपरा है । यह दिन सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य प्राप्ति का दिन है। आज आकाश मंडल में विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं और देवता इंद्र और अग्नि हैं। विशाखा का अर्थ है द्विशाखित या उद्देश्य पर केंद्रित । सोमवार और जानकी जयंती का यह संयोग दांपत्य जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए श्रेष्ठ है। आज चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और उपाय।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| अष्टमी (पूर्ण रात्रि) | विशाखा | सोमवार | वृद्धि | बालव |
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| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 02 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | रात 12 बजकर 55 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 11 बजकर 05 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 13 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 08 बजकर 17 मिनट से 09 बजकर 42 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 11 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 03 बजकर 22 मिनट तक |
सोमवार को राहु काल सुबह 8:15 बजे से 9:45 बजे के बीच होता है। इस समय कोई भी शुभ कार्य न करें और न ही यात्रा शुरू करें।
आज जानकी जयंती है जिसे सीता अष्टमी भी कहा जाता है आज माता सीता के प्राकट्य दिवस पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर पाने के लिए आज सीता-राम की पूजा करती हैं। मान्यता है कि आज के दिन भूमि दान या मिट्टी के बर्तन का दान करना अत्यंत शुभ होता है, क्योंकि सीता जी भूमि से ही जन्मी थीं।साथ ही साथ आज विशाखा नक्षत्र है और इस का प्रतीक तोरण द्वार है। यह नक्षत्र व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति जुनूनी बनाता है। इसके देवता इंद्र और अग्नि हैं। इसलिए आज का दिन महत्वाकांक्षी कार्यों को पूरा करने के लिए है। आज सोमवार और अष्टमी का संयोग है सोमवार शिव का दिन है और अष्टमी शक्ति की तिथि है। यह शिव-शक्ति का मिलन है। आज के दिन किया गया रुद्राभिषेक दांपत्य कलह को जड़ से समाप्त कर देता है।
ज्योतिष शास्त्र में सोमवार चन्द्रमा का दिन और मन का करक , विशाखा नक्षत्र जुनून का करक इन दोनों का मिलन फोकस्ड माइंड का योग बनाता है। आज के दिन विशाखा नक्षत्र वाला है इस दिन प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी या रिजल्ट के लिए शुभ होता है। आज आप जिस चीज के पीछे पड़ जाएंगे, उसे हासिल करके ही मानेंगे। विशाखा का अर्थ दो शाखाएं भी है। आज मन में कभी-कभी दो विकल्प आ सकते हैं। ऐसे में बड़ों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। इस नक्षत्र में थोड़ी ईर्ष्या की भावना भी जाग सकती है। दूसरों की तरक्की से जलने के बजाय अपनी मेहनत पर ध्यान दें।
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