
13 नवंबर 2025, दिन गुरुवार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होने के कारण अत्यंत शुभ माना जाता है जिससे पूजा-पाठ, पीले वस्त्र धारण करने और दान-पुण्य के कार्य विशेष फलदायी होंगे। इस दिन मघा नक्षत्र शाम 07:38 बजे तक रहेगा जिसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा जबकि नवमी तिथि रात 11:33 बजे तक रहेगी। इन नक्षत्र और तिथि के मेल से यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त के साथ बहुत ही अच्छा योग बना रहा है। साथ ही, आज के दिन सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना शुभ सिद्ध हो सकता है, ऐसे में आप सरकारी नौकरी से जुड़ा कोई भी काम करने से पहले विशेषकर आवेदन भरने से पहले शुभ समय जान लें। ऐसे में आइये जानते हैं एमपी, छिंदवाड़ा के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी | मघा | गुरुवार | ब्रह्म | तैतिल |

| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06:42 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 05:28 बजे |
| चंद्रोदय | रात 12:22 बजे |
| चंद्रास्त | दोपहर 01:41 बजे (अगले दिन) |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05:07 बजे से 05:55 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक |
| अमृत काल | शाम 05:08 बजे से 06:48 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 01:53 बजे से 02:36 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 05:28 बजे से 05:55 बजे तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 01:26 बजे से 02:47 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 09:24 बजे से 10:44 बजे तक |
| यमगंड | सुबह 06:42 बजे से 08:03 बजे तक |

13 नवंबर 2025 को हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन कोई बड़ा या मुख्य त्यौहार नहीं है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह दिन गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन भक्तजन विष्णु भगवान की उपासना करते हैं, केले के पेड़ की पूजा करते हैं और पीले वस्त्र या पीली वस्तुओं का दान करते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि और ज्ञान की वृद्धि होती है। कई स्थानों पर नवमी तिथि को कुलदेवी या कुलदेवता की विशेष पूजा करने का विधान भी होता है।
13 नवंबर 2025 को गुरुवार है और मार्गशीर्ष माह की नवमी तिथि है, इसलिए इस दिन का सबसे उत्तम उपाय यह है कि आप भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें। सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें, केले के पेड़ की पूजा करें (यदि संभव हो तो जल चढ़ाएं), और केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। साथ ही, अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और ज्ञान प्राप्ति के लिए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें और किसी गरीब या जरूरतमंद को पीली वस्तुओं का दान करें।
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