
गुस्सा न केवल किसी भी व्यक्ति की मानसिक शांति को प्रभावित करता है, बल्कि इससे उनकी आगे की योजनाएं भी बनते-बनते बिगड़ सकती हैं। कई बार यह भावनाएं परिवार और कार्यस्थल में गलतफहमियों का कारण भी बनती हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार कुछ ऐसे मूलांक हैं जिनमें कई तरह के गुण होने के बावजूद वो कुछ ऐसे गुणों से भरपूर भी होते हैं जो उनके व्यक्तित्व को निखारने के बजाय दबा सकते हैं। ऐसे ही मूलांकों में से एक है मूलांक 8 । यह एक ऐसा मूलांक है जिसकी महिलाएं स्वभाव से बहुत ज्यादा मेहनती और आत्मविश्वासी भी होती हैं, लेकिन उन्हें अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होती है। ऐसा माना जाता है कि यदि यह गुस्सा सही समय पर नियंत्रित किया जाए तो आत्मविश्वास और मेहनत का संयोजन उन्हें न केवल पेशेवर जीवन में बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी सफलता और संतुलन प्रदान कर सकता है। यह उन्हें जीवन की हर चुनौती से निपटने में सक्षम बनाता है। आइए एस्ट्रोलॉजर अमिता रावल से जानें मूलांक 8 की कुछ ऐसी ही खूबियों और खामियों के बारे में।
जिन महिलाओं का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 8 माना जाता है। 8 संख्या के स्वामी ग्रह शनिदेव हैं जिन्हें न्याय का देवता माना जाता है। मूलांक 8 के लोग शनि के प्रभाव से बहुत ज्यादा मेहनती होने से साथ स्वभाव से गुस्सैल भी होते हैं।

मूलांक 8 की महिलाएं अपने जीवन में निर्धारित लक्ष्यों को पाने के लिए कठिन परिश्रम करने में विश्वास रखती हैं। वे किसी भी चुनौती से डरती नहीं हैं और समस्याओं का सामना धैर्य और साहस के साथ करती हैं। शनि ग्रह के प्रभाव से मूलांक 8 की महिलाएं अनुशासित, व्यावहारिक और समय के पाबंद होती हैं। चाहे पढ़ाई हो, करियर हो या परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां, ये महिलाएं हर काम को पूरी लगन और मेहनत से करती हैं। यही नहीं ये अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कोई भी उपाय आजमाती हैं और लक्ष्य हासिल कर लेती हैं।
आमतौर पर मूलांक 8 की महिलाएं आत्मविश्वास से भरपूर होती हैं, लेकिन कई बार इनका आत्मविश्वास अहंकार में बदल जाता है। उनका आत्मविश्वास उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने और हर काम में उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करता है। लेकिन कई बार यह आत्मविश्वास अहंकार में बदल जाता है, जिससे वे दूसरों की सलाह या विचारों को अनदेखा करने लगती हैं। इससे रिश्तों में दूरी पैदा हो सकती है और घर-परिवार या कार्यस्थल में टकराव की स्थिति बन सकती है।

मूलांक 8 की महिलाओं का यदि अपमान किया जाता है तो ये जरूरत से ज्यादा गुस्सा हो जाती हैं। जब उनका अपमान होता है तो उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी इज्जत को ठेस पहुंची है, तो वे जरूरत से ज्यादा गुस्सा हो जाती हैं। उनका क्रोध केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं होता, बल्कि कभी-कभी यह उनके निर्णय और व्यवहार पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में छोटी बातों को लेकर विवाद या टकराव बढ़ सकते हैं। हालांकि ऐसा कहा जाता है कि यदि वे अपने गुस्से को नियंत्रित करना सीख लें और शांत दिमाग से स्थिति को संभालें, तो उनका आत्मविश्वास और दृढ़ता उन्हें हर मुश्किल परिस्थिति में मजबूती प्रदान कर सकती है।
मूलांक 8 की महिलाओं के लिए गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी हैं, नहीं तो इनके बनते काम भी बिगड़ सकते हैं। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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