
नया साल हर किसी के जीवन में नई उम्मीदें, नए लक्ष्य और नए सपनों के साथ आता है। ऐसे में यह जानना स्वाभाविक है कि आने वाला वर्ष आपके लिए कैसा रहेग-करियर, धन, रिश्ते, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के लिहाज से। इसी जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए लेकर आए हैं न्यूमरोलॉजी आधारित वार्षिक भविष्यफल, जिसे प्रसिद्ध न्यूमरोलॉजिस्ट एवं एस्ट्रोलॉजर डॉक्टर शेफाली गर्ग ने साझा किया है।
फेसबुक लाइव के माध्यम से उन्होंने 1 से लेकर 9 तक सभी मूलांकों का विस्तृत वर्षफल बताया है। न्यूमरोलॉजी के अनुसार जन्मतिथि से निकला मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन की दिशा को दर्शाता है। ग्रहों की ऊर्जा के आधार पर यह भविष्यफल आपको आने वाले साल की संभावनाओं, सावधानियों और सरल उपायों की जानकारी देता है। यदि आप जानना चाहते हैं कि नया साल आपके लिए क्या खास लेकर आ रहा है, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
मूलांक 1 का स्वामी ग्रह सूर्य होता है, जो आत्मबल, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। इस मूलांक के जातकों के लिए आने वाला समय करियर के लिहाज से नई शुरुआत लेकर आ सकता है। नौकरी या व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और लंबे समय से किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी और वरिष्ठ अधिकारियों या समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। पदोन्नति, नई जिम्मेदारी या नेतृत्व की भूमिका मिलने के योग भी बन सकते हैं।
इस दौरान आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे आप निर्णय लेने में अधिक सक्षम महसूस करेंगे। हालांकि, अधिक आत्मविश्वास अहंकार में न बदल जाए, इस बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। अपने व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें और दूसरों की बातों को भी महत्व दें।
उपाय: प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्य को जल अर्पित करें और घर की पूर्व दिशा को स्वच्छ रखें। इससे सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त होगा।
मूलांक 2 का स्वामी ग्रह चंद्रमा होता है, जो मन, भावनाओं और रिश्तों का कारक माना जाता है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय संबंधों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी तथा जीवनसाथी के साथ आपसी समझ मजबूत होगी। अविवाहित लोगों के लिए विवाह के अच्छे प्रस्ताव मिलने के योग भी बन रहे हैं।
आर्थिक दृष्टि से भी यह अवधि अनुकूल कही जा सकती है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और धन से जुड़ी चिंताएं धीरे-धीरे दूर होंगी। हालांकि, इस दौरान भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना आवश्यक है, क्योंकि चंद्रमा के प्रभाव से मन कभी-कभी अस्थिर हो सकता है।
सावधानी: भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
उपाय: नियमित ध्यान करें, पर्याप्त मात्रा में जल पिएं और सफेद रंग का अधिक प्रयोग करें। इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।

मूलांक 3 का स्वामी ग्रह गुरु होता है, जिसे ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय शिक्षा, लेखन, मीडिया, अध्यापन और बौद्धिक कार्यों में सफलता दिलाने वाला सिद्ध हो सकता है। जो लोग पढ़ाई या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें अपने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिलने के योग हैं। नए अवसर प्राप्त होंगे और प्रतिभा को पहचान मिलेगी।
इस अवधि में आध्यात्मिक रुझान भी बढ़ेगा। धर्म, पूजा-पाठ और आत्मचिंतन में मन लगेगा, जिससे मानसिक शांति और संतुलन बना रहेगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा और सम्मान में वृद्धि होगी तथा लोग आपके विचारों को महत्व देंगे।
सावधानी: किसी भी महत्वपूर्ण विषय में जल्दबाजी से निर्णय न लें और सोच-समझकर कदम बढ़ाएं।
उपाय: नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा करें और गुरुजनों का आशीर्वाद लें। इससे जीवन में स्थिरता और सफलता बनी रहेगी।
मूलांक 4 का स्वामी ग्रह राहु माना जाता है, जो अचानक होने वाले बदलाव, नवीन सोच और अलग रास्तों का संकेत देता है। इस मूलांक के जातकों के जीवन में इस समय अप्रत्याशित परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। करियर या निजी जीवन में अचानक अवसर या दिशा परिवर्तन संभव है, जो आगे चलकर लाभकारी सिद्ध हो सकता है। विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, आईटी, रिसर्च, इंजीनियरिंग और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में कार्य करने वालों के लिए यह समय उन्नति के संकेत देता है।
हालांकि राहु के प्रभाव से मन में असमंजस, भ्रम और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में धैर्य और संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा फैसला लेने से बचें और अपनी योजनाओं को व्यवस्थित रखें।
सावधानी: अनावश्यक चिंता, जल्दबाजी और भ्रम की स्थिति से दूरी बनाकर रखें।
उपाय: एक नियमित और अनुशासित दिनचर्या अपनाएं, समय पर कार्य करें और दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करें। इससे राहु के नकारात्मक प्रभाव कम होंगे और सफलता का मार्ग प्रशस्त होगा।
मूलांक 5 का स्वामी ग्रह बुध होता है, जो बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय बिजनेस, सेल्स, मार्केटिंग, मीडिया और कम्युनिकेशन से जुड़े क्षेत्रों में प्रगति दिलाने वाला साबित हो सकता है। नए संपर्क बनेंगे, मीटिंग्स और बातचीत के जरिए लाभकारी सौदे तय होने के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी नई जिम्मेदारियां या बेहतर अवसर सामने आ सकते हैं।
इस दौरान नई डील, प्रोजेक्ट या साझेदारी के प्रस्ताव मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि बुध के प्रभाव में जल्दबाजी या अतिउत्साह नुकसान भी पहुंचा सकता है। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले पूरी जानकारी और सही सलाह लेना जरूरी होगा।
सावधानी: बिना सोच-विचार के निवेश या बड़े फैसले लेने से बचें।
उपाय: हरे रंग का अधिक प्रयोग करें, जैसे कपड़ों या कार्यस्थल में। इससे बुध ग्रह मजबूत होगा और निर्णय क्षमता बेहतर बनेगी।
मूलांक 6 का स्वामी ग्रह शुक्र होता है, जो प्रेम, सौंदर्य, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रतिनिधि माना जाता है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय प्रेम संबंधों को मजबूत करने वाला रहेगा। अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रबल योग बन सकते हैं, वहीं विवाहित जीवन में मधुरता और आपसी समझ बढ़ेगी।
शुक्र के प्रभाव से लाइफस्टाइल में सुधार होगा और रहन-सहन, फैशन, सजावट व लक्ज़री से जुड़ी चीज़ों पर खर्च बढ़ सकता है। कला, डिजाइन, फैशन, ब्यूटी और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी, लेकिन आकर्षण और आराम के कारण अनावश्यक खर्च भी हो सकता है।
सावधानी: फिजूलखर्ची से बचें और बजट का ध्यान रखें।
उपाय: शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करें और स्वच्छता व सुंदरता का विशेष ध्यान रखें।
मूलांक 7 का स्वामी ग्रह केतु माना जाता है, जो आत्मचिंतन, रहस्य, आध्यात्म और गूढ़ ज्ञान का प्रतीक है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय भीतर की ओर देखने और स्वयं को समझने का अवसर लेकर आएगा। जीवन के गहरे सवालों पर मनन बढ़ेगा और आध्यात्मिक विषयों, ध्यान, योग, ज्योतिष, रिसर्च या रहस्यमय विद्याओं में रुचि विकसित हो सकती है।
इस दौरान आप भीड़ से थोड़ा अलग रहना पसंद कर सकते हैं और अकेले समय बिताने की इच्छा बढ़ेगी। हालांकि यह एकांत आत्मविकास के लिए उपयोगी है, लेकिन अधिक दूरी रिश्तों में गलतफहमी पैदा कर सकती है। मानसिक स्पष्टता पाने के लिए नियमित दिनचर्या और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।
सावधानी: अत्यधिक अकेलापन या नकारात्मक विचारों में न उलझें।
उपाय: रोज़ ध्यान (मेडिटेशन) करें और प्रकृति के साथ समय बिताएं।

मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि माना जाता है, जो कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय संघर्ष के साथ-साथ स्थायी सफलता का मार्ग खोलने वाला रहेगा। आपके जीवन में जो भी उपलब्धियां आएंगी, वे मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम होंगी। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे लेकिन मजबूत प्रगति के संकेत हैं, जिससे भविष्य की नींव सशक्त होगी।
शनि की ऊर्जा आपको जिम्मेदार बनाएगी और निर्णयों में गंभीरता लाएगी। हालांकि कई बार कामों में देरी या अपेक्षित परिणाम मिलने में समय लग सकता है, जिससे मन निराश हो सकता है। ऐसे में धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी होगा, क्योंकि समय के साथ परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी।
सावधानी: अधीरता और निराशा से बचें।
उपाय: शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करें और अनुशासित दिनचर्या अपनाएं।
मूलांक 9 का स्वामी ग्रह मंगल होता है, जो साहस, शक्ति, पराक्रम और भूमि-संपत्ति का कारक माना जाता है। इस मूलांक के जातकों के लिए यह समय ऊर्जा और आत्मबल में वृद्धि करने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आप पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे, जिससे रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे। जमीन, मकान, वाहन या संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के योग बन सकते हैं।
मंगल की प्रबल ऊर्जा आपको नेतृत्व क्षमता देगी और जोखिम उठाने का साहस भी बढ़ाएगी। हालांकि अत्यधिक उत्साह के कारण जल्दबाजी या गुस्से की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जो रिश्तों और काम दोनों में नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा।
सावधानी: क्रोध, जल्दबाजी और विवाद से बचें।
उपाय: नियमित रूप से हनुमान जी की पूजा करें और सकारात्मक ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं।
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